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सरदारपुर-टांडा में भारी ओलावृष्टि जिलेभर में नुकसान, किसान चिंतित
भास्कर टीम - धार
लगातार तीसरे दिन जिले में मावठा गिरा। सरदारपुर, राजगढ़, सुसारी, पडिय़ाल, लेबड़ सहित आसपास के अंचल में तेज बारिश के दौरान ओले गिरे। भानगढ़ और एहमद में कई बीघा में खड़ी फसल आड़ी हो गई। गुरुवार रात धार में भी तेज बारिश हुई। मौसम में जबर्दस्त ठंडक घुल गई। शुक्रवार को भी दिनभर बादल छाए रहे, ठंडी हवा चली। किसानों के अनुसार पहले बोई गई फसलों को भारी नुकसान हुआ है। बालियां पकने की स्थिति में थी, ऊपरी सिरा वजनी होने से पानी और हवा के कारण फसलें लेट गई हैं।
राजगढ़, भानगढ़, एहमद में कई खेतों में गेहूं की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है। इससे दाना कमजोर होने की आशंका है। क्षेत्र में गुरुवार को चना आकार के ओले गिरे। किसानों ने कहा- पिछले साल सोयाबीन को भी भारी नुकसान हुआ था लेकिन न सर्वे ठीक से किया गया, न मुआवजा दिया। भानगढ़ के कालूराम कुमावत ने बताया 25 बीघा में फसल बोई थी लेकिन ओले के कारण 16 बीघा में फसल खराब हो गई। विधायक से इस संबंध में जल्द मुलाकात करेंगे। धन्नालाल कुमावत, शंकरलाल ने बताया गेहूं व चना फसल लगी थी। मावठे के कारण हालात खराब हुए हैं, ऋण चुकाने में दिक्कत आ जाएगी। एहमद के मुन्नालाल कालूराम, अनोखीलाल पाटीदार, मोहन पाटीदार ने कहा सर्वे जल्द कराया जाए। राजगढ़ के मेला मैदान में कीचड़ पसर गया है। आसपास कई स्कूल लगते हैं, ऐसे में बच्चों को आने-जाने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई गांवों में ओले, केसरपुरा-खिलेड़ी क्षेत्र में नुकसान
जिलेभर में मावठा किसानों के लिए मुश्किल बनकर टूटा है। पडिय़ाल, गुणावद, कलसाड़ा खुर्द, पिपल्दा, लेबडग़ांव, करंजवा, बनेडिय़ा, मिर्जापुर में भी तेज बारिश के दौरान ओले गिरे। उधर, केशरपुरा में शुक्रवार सुबह के बाद दोपहर में तेज बारिश से गेहूं, चना, लहसुन, टमाटर को नुकसान पहुंचा है। गेहूं की खड़ी फसल कई खेतों में हवा के कारण लेट गई। सुनील राठौड़, आंतेड़ी के गंगाराम, राकेश दनगाया, दशरथ के यहां भी नुकसान है। राकेश ललवंशी के यहां डॉलर चने की फसल पर प्रभाव पड़ा। मुख्यमंत्री के सर्वे के निर्देश के बावजूद राजस्व अमला हरकत में नहीं आया है। उसे अधिकारियों के लिखित निर्देशों का इंतजार है। खिलेड़ी में गुरुवार को तेज बारिश के साथ हवा चली। गेहूं फसल आड़ी पड़ गई। विष्णु पाटीदार ने बताया गेहूं फसल लेट गई। फुलेड़ी के दादूसिंह की भी फसल का नुकसान हुआ है। राधेश्याम पाटीदार ने बताया मावठे व कोहरे से चना फसल में आए फूल जल गए। प्याज, टमाटर, मटर, आलू की फसलें भी प्रभावित हुई। सर्वे की मांग की। पडिय़ाल व आसपास क्षेत्र में मावठे व हवा से फसलें आड़ी हो गई। किसान मोतेसिंह डोडवा, कैलाश डोडवा, धूलसिंह, हीरालाल, हरेसिंह चौहान, मधु मानकर, शोभाराम रणदा, शंकर पावणा आदि ने बताया गुरुवार रात को चना आकार के ओले गिरे। मुआवजे की मांग की। गुणावद सहित आसपास गेहूं व आलू की फसल को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन से सर्वे की मांग की। लेबड़ में गुरुवार रात ओले गिरे। गेहूं व चने की खड़ी फसलों को भारी नुकसान हुआ। टांडा क्षेत्र में गुरुवार रात बोर के आकार के बड़े ओले गिरे। उसके बाद तेज बारिश भी हुई। सुसारी में बारिश से किसानों का भारी नुकसान किया। खलिहानों में सूख रही मिर्च, खेतों में पके हुए मिर्च के पौधे, परिपक्व हो चुकी गेहूं की फसल और जीनिंग में रखा कपास आदि खराब हुआ।