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अनाज खरीदी अनिश्चितकाल के लिए बंद

8 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता - धार
खाद्य सुरक्षा अधिनियम की बाधा दूर नहीं होने से शुक्रवार को धार कृषि उपज मंडी में व्यापारियों ने विरोध कर दिया। मंडी प्रशासन से कहा कि आप तय कर दें, कौन सी उपज मानक स्तर की है। वह हम खरीद लेंगे। मंडी समिति ने ऐसा कोई प्रावधान नहीं होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया। नतीजतन व्यापारियों ने नीलामी में भाग नहीं लिया। उपज बेचने आए किसानों ने हंगामा किया लेकिन 35 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को लेकर अंतत: उन्हें बैरंग लौटना ही पड़ा। कलेक्टर ने मामले में मंडी बोर्ड भोपाल के अधिकारियों से चर्चा की। शनिवार को वे बैठक लेंगे, सुलह की कोशिश की जाएगी।
पूरे जिले में अनाज, दलहन, तिलहन की खरीदी अनिश्चितकाल के लिए बंद हो गई है। हालांकि कपास, मिर्च आदि उपज नीलाम हो रही हैं। राजगढ़, बदनावर आदि मंडियों में अनाज की नीलामी 20 जनवरी से ही ठप है। धार के व्यापारियों ने मुख्यमंत्री से घोषणा की उम्मीद में नीलामी नहीं रोकी थी लेकिन सीएम ने महज अधिनियम में बदलाव की मांग केंद्र में उठाने की बात कह कर उम्मीदों पर पानी फेर दिया। लिहाजा शुक्रवार को व्यापारी संघ ने पूर्व निर्धारित रणनीति के तहत मंडी समिति के सामने सशर्त नीलामी में भाग लेने की मांग रख दी। गौरतलब है अधिनियम में मंडी व्यापारियों को भी शामिल किया गया है। मंडी व्यापारियों का कहना है मंडी में आने वाली उपज प्राकृतिक प्रकोप के चलते दागी, डंकी है, जो मानक स्तर की नहीं होती। जबकि अधिनियम के मुताबिक मंडी व्यापारी मानक स्तर की उपज खरीदता-बेचता पाया जाता है तो उस पर तगड़ा जुर्माना किया जाएगा। उनकी मांग है कि या तो व्यापारियों को अधिनियम से बाहर किया जाए या मंडी समिति तय करे कि कौन सी उपज मानक स्तर की है। वही खरीदेंगे।



किसानों ने मंडी परिसर में किया हंगामा



धार मंडी में सुबह 9 बजे किसान नीलामी का इंतजार कर रहे थे लेकिन व्यापारियों ने कह दिया कि मंडी समिति जिस उपज को मानक स्तर का बता देगी, उसे खरीद लेंगे। किसानों ने हंगामा कर दिया। वे कार्यालय में मंडी सचिव टीसी बड़ोले के पास पहुंचे। उन्होंने कहा ऐसे कोई अधिकार हमें नहीं है। खाद्य एवं औषधि विभाग ही मानक बता सकता है। मंडी अध्यक्ष प्रभु राठौड़ से भी किसान मिले। उन्होंने बताया किसान संघ की बैठक कलेक्टोरेट में चल रही है। देख लेते हैं, वहां चर्चा में कुछ निर्णय निकल आए। एक-दो घंटे रुको। हालांकि दोपहर बाद किसान संघ के पदाधिकारी भी मंडी पहुंचे और नीलामी बंद होने के संबंध में अध्यक्ष से सवाल करने लगे। इस पर उन्होंने ही संघ पदाधिकारियों से पूछ लिया कि सीएम आए थे, उनसे आपकी व व्यापारियों की चर्चा होने वाली थी, उसका क्या हुआ? जवाब मिला कि हमें निमंत्रण नहीं था, इसलिए कार्यक्रम में नहीं गए। अध्यक्ष ने शुक्रवार दोपहर कलेक्टोरेट में हुई बैठक के बारे में भी पूछा लेकिन किसान संघ पदाधिकारी टाल गए।



मंडी अध्यक्ष प्रभु राठौड़ से बहस करते किसान।

कृषि उपज मंडी प्रांगण में नीलामी नहीं होने से इंतजार करते किसान।

हमारे अधिकार क्षेत्रका मामला नहीं

॥व्यापारी चाहते हैं कि हम निर्धारित करें कि कौन सी उपज मानक स्तर की है। ऐसा हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। खाद्य एवं औषधि विभाग ही बता सकता है। व्यापारियों के विरोध के चलते नीलामी फिलहाल अनिश्चितकाल के लिए टल गई है।ञ्जञ्ज

टीसी बड़ोले, मंडी सचिव धार

॥खरीदी पुन: चालू करवाने को लेकर क्या किया जा सकता है, इसे लेकर सभी स्तर पर चर्चा कर रहे हैं। शनिवार को बैठक बुलाई है, उम्मीद है परिणाम सकारात्मक निकलेंगे।ञ्जञ्ज सीबी सिंह, कलेक्टर धार