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- घंटेभर की बैठक में भी खरीदी बंद पर चर्चा नहीं कर पाए भाकिसं पदाधिकारी
घंटेभर की बैठक में भी खरीदी बंद पर चर्चा नहीं कर पाए भाकिसं पदाधिकारी
भास्कर संवाददाता - धार
सुलह बैठक में किया वादा निभाते हुए कलेक्टर ने शुक्रवार को अपने कैबिन में भारतीय किसान संघ पदाधिकारियों से चर्चा की। किसानों की विभिन्न समस्याएं बिंदू वार बताई गई। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को भी बुलाया हुआ था, जिनसे चर्चा कर उचित निराकरण का भरोसा दिलाया गया। हालांकि घंटेभर चली बैठक में खाद्य सुरक्षा अधिनियम की बाधा के चलते मंडी में किसानों की उपज की खरीदी बंद हो जाने के संबंध में चर्चा करना ही भूल गए। बाहर आए किसानों के याद दिलाने पर किसान संघ पदाधिकारी पुन: कलेक्टर कैबिन में गए और स्थिति से अवगत कराया। कलेक्टर ने पूरे प्रदेश की समस्या होना बताया और मार्गदर्शन लेकर निराकरण करवाने की बात कही। किसान संघ के राजेंद्र शर्मा, मोहन पाटीदार, जिलाध्यक्ष महेश ठाकुर, राजेंद्र पाटीदार समेत पदाधिकारी उपस्थित थे।
: कृषि ऋण चुकाने के लिए 15 मार्च की अंतिम तिथि को लेकर परेशानी बताई। इस पर कुछ दिन की रियायत देकर मार्च के अंतिम सप्ताह तक राशि जमा करने की सहूलियत देने का भरोसा दिलाया। साथ ही पुन: जारी किए जाने वाले ऋण के लिए दो-ढाई महीने के गेप के बजाय अप्रैल में ही सुविधा देने की बात कही।
: समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए 75 केंद्र है। किसानों का कहना था 10 किमी की परिधि में कई जगह केंद्र नहीं है। कई गांवों के नाम भी सुझाए। इस पर प्रशासन ने सोसायटी होने और अन्य केंद्र नहीं होने का सर्वे करने के बाद नए केंद्रों का निर्धारण करने की बात कही।
: सरदारपुर, धुलेट सोसायटी का तौल राजगढ़ मंडी में करवाने की मांग की गई।
: किसानों ने कहा कि बीमा क्लेम के संबंध में जानकारी मिल नहीं पाती की सबमिट हुआ है या नहीं। इस पर कलेक्टर ने जानकारी ऑनलाइन करवाने की कोशिश करने की बात कही।
: नुकसानी का सर्वे हल्का नंबर वार करने के बजाय सर्वे नंबर से करवाने की बात कही। इसे नीतिगत समस्या बताते हुए मांग रखने की बात कही।
: पंच परमेश्वर में सड़क निर्माण में नाली का प्रावधान होने के बावजूद निर्माण नहीं करने का मुद्दा भी उठा। कलेक्टर ने कार्रवाई की बात कही।
: बिड़वाल के चार फ्लोराइडयुक्त गांवों में कालीकिराय बांध के पानी की स्कीम बंद पड़ी होने की समस्या भी बताई।
तमाम बिंदुओं पर की बात
: जिले में ओलावृष्टि और बारिश से हुए नुकसान का सर्वे करवाने की मांग की। कलेक्टर ने बताया तत्काल सर्वे कर शाम तक रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
: खरीफ फसल को अतिवृष्टि से हुए नुकसान के मुआवजे पर बात की तो बताया गया कि फसल कटने के बाद सर्वे कैसे होगा। किसानों ने बताया पहले भी तो मांग की थी लेकिन कोई नहीं आया। प्रशासन ने आगे से तत्काल कार्रवाई की बात कही लेकिन मुआवजे को लेकर बस इतना कहा कि चौथे अनुपूरक बजट में शासन ने 600 करोड़ का प्रावधान किया है।
: दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रीयल कॉरीडोर में उपजाऊ जमीन नहीं लेने की मांग रखी। कलेक्टर ने कहा इसके विरोध में राजनीतिक दल भी हैं। बिड़वाल से भैंसोला तक की असिंचित जमीन का विकल्प सुझाया गया।