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जल को धरती से निकाला, संग्रहित नहीं किया

8 वर्ष पहले
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ग्राम भूतबयड़ा में समृद्धि यात्रा के दौरान हुई जनसभा में भंवरसिंह भयडिय़ा ने कहा
भास्कर संवाददाता - झाबुआ
विकास के नाम पर अभी तक जल, जंगल, जमीन, जानवर और जन का शोषण हुआ है। हमने जल को धरती में से खोदकर निकाला पर संग्रहित नहीं किया। यह बात शिवगंगा के भंवरसिंह भयडिय़ा ने ग्राम भूतबयड़ा में समृद्धि यात्रा के दौरान रखी गई जनसभा को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा जमीन में हमने इतना ज्यादा रासायनिक खादों का उपयोग किया कि आज वह अनुपज होती जा रही है। जंगल विकास के नाम पर कट गए हैं। उन्होंने कहा अगर हमने विकास के नाम पर इन देवीय तत्वों का विनाश कर दिया तो खुशहाली की जगह बदहाली आ जाएगी। इससे पहले भूतबयड़ा में यात्रा पहुंचने पर ग्रामीणों ने ढोल-ढमाकों के साथ स्वागत किया। बैल की तिलक से आरती की। जानू भाई बिलवाल ने सभी ग्रामीणों को मेले में आने का निमंत्रण दिया। यात्रा ग्राम जूनापानी एवं गुलरपाड़ा भी पहुंचा। इस अवसर पर बहादुर डामोर, सरपंच गंगाराम कटारा, तड़वी कलसिंह वसुनिया, बबलु वास्केल, तोलसिंह कटारा, सुखराम बिलवाल, लाला मेड़ा, वरसिंह हटिला, बहादुर गामड़
आदि मौजूद थे।