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पहले परिवार था तंगहाल, अब सक्षम कहते ही रो पड़ी सुमन

8 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता - झाबुआ
समूह से जुडऩे से पहले परिवार तंगहाल था लेकिन धीरे-धीरे बदलाव हुआ। स्व सहायता समूह से जुड़े और आर्थिक रूप से सक्षम भी हो गए। बस इतना कहते ही ग्राम चारणपुरा की सुमनबाई रो पड़ी। दरअसल सुमनबाई गांव में शुक्रवार को आए ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त सचिव टी विजय कुमार को स्व सहायता की कहानी सुना रही थी। इस दौरान वे भावुक हुईं। उन्हें कलेक्टर ने गले लगाकर ढांढस बंधाया। विजय कुमार ने गांव में गठित ग्राम संगठन के सदस्यों से चर्चा भी की। संयुक्त सचिव ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं को आर्थिक रूप से इतना सक्षम बनाएं कि खुद का बैंक चला सकें। ऋण के लिए उन्हें बैंक जाने की जरूरत महसूस न हो। महिलाओं से चर्चा में अफसरों ने भी समूह गठन व ग्राम संगठन निर्माण की प्रक्रिया को समझा और इस पहल से आ रहे सामाजिक बदलाव को जानने की कोशिश की। महिलाओं का कहना था समूह बनाने से वे आर्थिक रूप से तो सक्षम हुई हैं, वहीं सामाजिक रूप से भी सशक्त बनी है। मप्र राज्य आजीविका मिशन के सीईओ एमएल बेलवाल ने महिलाओं से ग्रामसभा में भागीदारी बढ़ाने की बात कही। कलेक्टर ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे सरकार की शासकीय योजनाओं से भी जुडऩे का प्रयास करें। जिला पंचायत सीईओ ने शौचालय निर्माण के लिए पैसा सीधे ग्राम संगठन को देने की बात करते हुए स्वच्छता के लिए समूह से आगे आने का आह्वान किया। डीपीओ आशीष शर्मा ने आजीविका मिशन द्वारा किए जा रहे कार्यों का ब्योरा दिया। अधिकारियों ने भ्रमण के दौरान ग्राम बन की महिला समूह सदस्यों से भी संवाद किया। महिलाओं ने समूह के माध्यम से किए जा रहे कार्यों के बारे में विस्तार से बताया।




ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्तसचिव विजय कुमार के सामने समूह के अनुभव बताती महिलाएं।

आजीविका मिशन - ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त सचिव टी विजय कुमार के सामने सुनाई समूह से आए बदलाव की कहानी