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रातोंरात ढहाई पूर्व विधायक के बंगले की बाउंड्रीवाल

7 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता - धार
आदर्श सड़क की चौड़ाई के दायरे में आ रही हैप्पी विला कॉलोनी के किनारे की पूर्व विधायक करणसिंह पंवार के बंगले की बाउंड्रीवाल 25 जनवरी की रात ढहा दी गई। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया। सोमवार को मामले की कोर्ट में सुनवाई हुई तो फरियादी पक्ष ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश देने का आवेदन प्रस्तुत किया। हालांकि कोर्ट ने आदेश नहीं दिए।
गौरतलब है पूर्व विधायक के भाई हेमेंद्र सिंह पंवार ने कोर्ट की शरण लेकर जमीन का हिस्सा आदर्श सड़क के लिए लेने की नपा की कोशिशों को अवैधानिक बताकर कोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट को बताया था कि बगैर अधिग्रहण किए उनके स्वामित्व की जमीन पर निर्माण की कोशिश की जा रही है। कोर्ट ने नपा को नोटिस जारी किए थे। निकाय की ओर से जवाब प्रस्तुत करते हुए शासकीय अधिवक्ता संभाजीराव गावड़े ने कहा था कि ऐसा प्रकरण नपा के खिलाफ नहीं चल सकता। 21 जनवरी को सुनवाई में निकाय ने दावा किया कि जमीन सरकारी है और पंवार व उनके परिवार ने अतिक्रमण कर रखा है। कोर्ट ने सुलह करने के लिए कहा था। यथास्थिति के आदेश नहीं दिए और 27 जनवरी अगली तारीख लगाई थी लेकिन इसके पूर्व ही 25 जनवरी की रात एकाएक बाउंड्रीवाल ढहा दी गई, जिससे पंवार बेहद नाराज बताए जाते हैं। उनके वकील शकील अहमद ने सोमवार की सुनवाई में इस घटना से कोर्ट को अवगत कराया। यथास्थिति बनाए रखने के आदेश देने का आवेदन पेश किया लेकिन कोर्ट ने आदेश नहीं किए। वैसे नगरपालिका द्वारा निजी जमीन होने पर मुआवजा देने का अंडरटेकिंग देने के बाद मामला सुलझने की स्थिति में है। अगली तारीख 10 फरवरी लगाई है।




कोर्ट ने पूछा - निजी हुई जमीन तो मुआवजा दोगे

सोमवार को सुनवाई में कोर्ट ने निकाय पक्ष से पूछा कि यदि जमीन निजी हुई तो मुआवजा दिया जाएगा। निकाय के अधिवक्ता गावड़े ने बताया हमने कोर्ट को जवाब दिया है कि वैसे तो जमीन सरकारी है लेकिन सीमांकन के बाद यदि जमीन निजी निकलती है तो नियमानुसार मुआवजे की कार्रवाई करने को तैयार हैं।

जनहित के आड़े नहीं, तरीके को लेकर लड़ाई : पंवार

हेमेंद्र सिंह पंवार ने कहा जनहित के आड़े नहीं हैं लेकिन निकाय का तरीका गलत है। दबे-छुपे कार्रवाइयां की गई। उनके वकील शकील अहमद ने बताया नगर पालिका ने अंडरटेकिंग दिया है कि निजी भूमि ली गई तो मुआवजा दिया जाएगा। चूंकि नियम अनुसार कार्रवाई के लिए निकाय राजी हो गया है, इसलिए वाद का उद्देश्य पूरा हो गया है।