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एनकाउंटर में मारे गए डुंगरिया की बेटी को 4 लाख का मुआवजा
भास्कर न्यूज - झाबुआ
2005 में बलसाड़ ((गुजरात)) में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए ग्राम नागनखेड़ी के डूंगरिया की बेटी को गुजरात सरकार ने 4 लाख का मुआवजा दिया है। सोमवार को एसटीएफ गुजरात की टीम झाबुआ पहुंची और उन्होंने बेटी के लिए भरण पोषण राशि की एफडी बैंक में कराई।
एसटीएफ टीम सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 2003 से 2006 के बीच गुजरात में हुए 17 एनकाउंटरों की जांच कर रहा है। इसी मामले में एसटीएफ चीफ एसएच बेदी ने गुजरात सरकार को 1 फरवरी 2014 तक पीडि़त परिवारों को राहत राशि प्रदान करने के आदेश दिए हैं। फिलहाल तीन मामलों में राहत घोषित की गई है। इसमें से एक झाबुआ के नागनखेड़ी का है।
इसी कड़ी में सोमवार को एसटीएफ की टीम इंस्पेक्टर एमजे सोलंकी के नेतृत्व में झाबुआ पहुंची। यहां उन्होंने डुंगरिया के पिता हिमला की मौजूदगी में चार लाख रुपए की राहत राशि की एफडी सेंट्रल बैंक में बेटी समिला के नाम करवाई। 18 साल के होने पर समिला को पूरी राशि मिल जाएगी। तब तक हर तीन महीने में जमा राशि का ब्याज उसके दादा हिमला के खाते में जमा होगा। जिससे समिला की पढ़ाई और अन्य खर्च निकलेगा।
इसलिए लिया मुआवजे का फैसला
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि एनकाउंटर में मारे गए लोगों के परिवार में आर्थिक उपार्जन करने वाला कोई नहीं है। ऐसे में आश्रितों को मुआवजा दिया जाना चाहिए। मुआवजे की राशि का निर्धारित करने के लिए आश्रितों की संख्या को आधार बनाया गया है।
मुआवजे का मतलब माफी नहीं
एसटीएफ ने आदेश में स्पष्ट किया गया है कि- यह अंतरिम राहत है। जरूरत पडऩे पर एसटीएफ इसमें वृद्धि कर सकती है। मुआवजे के भुगतान यह अर्थ कदापि नहीं है कि आरोपों को रद्द समझा जा रहा है। केस की जांच यथावत जारी रहेगी।
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