म्हारो लुमदार बटवो कहां भूली आई...
निमाड़ी लोक गीतों एवं ढिमरियाई लोकनृत्य की प्रस्तुति ने मोहा मन
देवास - मल्हार स्मृति मंदिर सभागार में रंगारंग भारत पर्व कार्यक्रम का आयोजन किया गया। लोक नृत्य एवं लोकगीत की प्रस्तुति देते हुए कलाकारों ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा कार्यक्रम स्थल पर ही प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को दर्शाती छायाचित्र प्रदर्शनी भी लगाई गयी। इस प्रदर्शनी में देवास जिले में हुए विभिन्न विकास कार्यों का भी चित्रों के माध्यम में प्रदर्शन किया गया।
शुभारंभ मुख्य अतिथि कलेक्टर महेश अग्रवाल, अपर कलेक्टर प्रबल सिपाहा, संयुक्त कलेक्टर ए.एन. अरोरा की उपस्थिति में किया। भोपाल की पूर्णिमा चतुर्वेदी ने 7 निमाड़ी लोकगीतों की प्रस्तुति दी। उन्होंने लोकगीत आज म्हारा घर आया गजानन पावणा.. से गणेशजी का आव्हान किया। मां भवानी की वंदना लोकगीत अम्बा भवानी तुम रूण-झूण करता आवजो.. से की। उन्होंने एक युवती के बटुआ ((पर्स)) गुम हो जाने पर उसकी व्यथा म्हारो लुमदार बटवो कहां भूली आई.. लोकगीत के माध्यम से प्रस्तुत की। पति-पत्नी के बीच नोंकझोंक को भी भी प्रस्तुत किया। सिरोंज के सांस्कृतिक दल ने हरिसिंह मांझी के नेतृत्व में ढिमरियाई लोकनृत्य प्रस्तुत किया। जै-जै भारत देश महान गोदी भरी रहे वीरों से.. लोकगीत पर ढिमरियाई लोकनृत्य ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
भारत पर्व पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार।
मल्हार स्मृति मंदिर सभागार में उपस्थित कलेक्टर, संयुक्त
कलेक्टर, एडीशनल एसपी व अन्य।