ऐसे तो खेती बंद करना पड़ेगी
भास्कर संवाददाता - धार
मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद मंगलवार से मंडियों में उपज की खरीदी पुन: शुरू हो गई। हालांकि आवक कमजोर रही। धार मंडी में महज १४२० क्विंटल आवक रही। हालांकि सोयाबीन का भाव उछला। ३९३९ रुपए के अधिकतम भाव में बिक गया। उधर, कलेक्टर के आदेश पर खाद्य सुरक्षा विभाग के अफसरों ने मंडी कार्यालय में मंगलवार सुबह समन्वय बैठक की। किसान व व्यापारियों से चर्चा की। खाद्य एवं औषधि निरीक्षक अरविंद शर्मा व महेंद्र वर्मा ने बताया खेत से उपज व्यापारी के पास आती है तो खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे में आ जाती है। मंडी व्यापारी भी खरीदी उपज को प्रोसेस करते हैं। किसानों ने बात काटते हुए कहा किसान भी खेत में थ्रेसिंग करता है। यह भी प्रोसेस है। मानक स्तर का माल मंडी में खरीद लिया जाएगा। अमानक उपज कौन खरीदेगा, यह बता दो। ऐसे तो किसान को खेती करना ही बंद करना पड़ेगा। सोच लीजिए अधिनियम में संशोधन नहीं हुआ तो कृषि प्रधान देश में क्या-क्या बंद होगा। मंडी समिति और व्यापारी संघ के पदाधिकारियों ने भी कहा कि यह व्यवस्था मंडी में लागू नहीं हो सकती। सभी ने अफसरों को अधिनियम से मंडी व्यापारी को दायरे से बाहर रखने का संशोधन करने की बात वरिष्ठ कार्यालय तक पहुंचाने के लिए कहा। बैठक में मंडी अध्यक्ष प्रभु राठौड़, व्यापारी संघ अध्यक्ष राजेंद्र मोदी, भारतीय किसान संघ जिलाध्यक्ष महेश ठाकुर समेत तमाम किसान व व्यापारी सदस्य उपस्थित थे।