- Hindi News
- पूर्व सांसद के पुत्र ने एक ही प्लॉट कई को बेचा
पूर्व सांसद के पुत्र ने एक ही प्लॉट कई को बेचा
भास्कर संवाददाता - देवास
पूर्व सांसद के पुत्र ने एक ही प्लॉट कई लोगों को बेच दिया। इसकी शिकायत मंगलवार को जनसुनवाई में एएसपी से की गई। शिकायत में पूर्व सांसद पुत्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई है। सुभाष सोलंकी पिता अंतरसिंह सोलंकी ने शिकायत की कि कांग्रेस के पूर्व सांसद बापूलाल मालवीय के पुत्र कमलेश व एक अन्य के माध्यम से आवास नगर में मकान खरीदा। जिसका 3 लाख रुपए नकद बयाना दोनों को दिया। लेकिन जब रजिस्ट्री करवाने के लिए कहा तो दोनों ने रजिस्ट्री करवाने से मना कर दिया। बाद में जब जानकारी निकाली तो पता चला कि उक्त मकान इन दोनों का नहीं है। इसका मालिक कोई और है। यह मकान तीन बार पहले भी बेचा जा चुका है। जब दोनों से पैसे वापस मांगे तो इन्होंने कहा अजाक्स थाने में झूठी रिपोर्ट डलवाकर जेल में डलवाने की धमकी दी। दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करवाई जाए व राशि वापस दिलाई जाने की मांग की।
सेंटर संचालिका को बुलवाकर शुल्क दिलवाया
डीएड पाठ्यक्रम के लिए जमा शुल्क राशि वापसी के लिए परेशान निर्धन छात्रा ने कलेक्टर से शिकायत की। इस पर कलेक्टर ने मिश्रीलालनगर में संचालित सेंटर संचालिका को जनसुनवाई में तलब किया और संचालिका से पांच हजार रुपए की राशि छात्रा को दिलवाई।
पत्नी को सास-ससुर से मुक्त कराएं
किशोर बोरीवाल ने सास-ससुर से पत्नी को मुक्त कराने की शिकायत की। उसने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले शादी हुई और बाद में पत्नी अपने मायके महू चली गई। सास-ससुर की मांग पर ससुराल में रहा। यहां विरोध के बावजूद सास-ससुर पत्नी को दूसरे घरों में काम के लिए भेजते हैं व उसकी आमदनी को अपने पास रख लेते हैं। सास-ससुर पर कार्रवाई की मांग की गई। उधर, पुलिस अफसरों ने मामले में जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
जब्तशुदा ट्रक आवास के सामने से हटाया जाए
सिविल सर्जन पशु चिकित्सालय डॉ. एमके राय ने आवेदन दिया कि उनके आवास के सामने पुलिस द्वारा जब्त किया गया ट्रक करीब तीन माह से यही खड़ा है। इससे उन्हें आवास में आने-जाने आदि में परेशानी होती है। पुलिस विभाग के अधिकारियों से भी जब्तशुदा ट्रक हटवाने का अनुरोध किया है।
जीतमल पिता बद्रीलाल निवासी गणेशपुरी ने शिकायत की कि एक अखबार में छपे
विज्ञापन को देखकर इंदौर स्थित एक कंपनी में लोन के लिए आवेदन किया। कंपनी की ओर से कागजी कार्रवाई के एवज में रुपयों की मांग की। रुपए दे दिए गए लेकिन फिर भी लोन नहीं मिला और अब किसी प्रकार की सुनवाई नहीं
की जा रही है।
लोन के नाम पर ठगी