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कलेक्टर के अधिकार में दखल देने पर धरमपुरी सीईओ को नोटिस

7 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता - धार
पंचायत सचिवों के अधिकार परिवर्तन शासन व कलेक्टर कर सकते हैं लेकिन इनका इस्तेमाल धरमपुरी जनपद के सीईओ केके शर्मा ने कर लिया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एक सचिव को स्थानांतरण के छह माह बाद भी रिलीव नहीं किया तो दूसरे सचिव की पदस्थापना पंचायत बदल दी। पता चला तो जिपं सीईओ श्रीकांत बनोठ ने शर्मा को शोकाज नोटिस थमा दिया है। 4 फरवरी तक जवाब मांगा है।
जिपं सीईओ के अनुसार धरमपुरी जपं की पिपलाज पंचायत के सचिव देवीसिंह का तबादला उमरबन जपं में किया गया था। सात दिन में रिलीव करने के निर्देश थे। यह आदेश 15 जुलाई को दिया गया लेकिन धरमपुरी सीईओ ने संबंधित को अभी तक रिलीव नहीं किया है। आदेश हुए ही छह माह से अधिक गुजर चुके हैं। इतना ही नहीं सितंबर में पंचायतराज संचालनालय के आयुक्त ने पिपलाज पंचायत रिक्त होने पर वहां पिपल्दागढ़ी के सचिव जीतेंद्र सोलंकी को पदस्थ किया। सीईओ शर्मा ने अपने स्तर से आदेश कर सोलंकी को पिपलाज के स्थान पर पिपल्दागढ़ी में ही काम करने के लिए कह दिया। ये दोनों ही शासन निर्देशों का उल्लंघन है क्योंकि सचिवों के अधिकार में परिवर्तन, संशोधन का अधिकार कलेक्टर को प्राप्त है। शर्मा से पूछा गया है कि उन्होंने सोलंकी को पिपल्दा का प्रभार क्यों नहीं दिया? साथ ही किस अधिकार से वे संशोधन, परिवर्तन कर रहे हैं।