पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • स्कूलों ने बच्चों से मांगा आईडी, अभिभावक लगा रहे नगर पालिका दफ्तर के चक्कर

स्कूलों ने बच्चों से मांगा आईडी, अभिभावक लगा रहे नगर पालिका दफ्तर के चक्कर

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर संवाददाता - धार
बच्चों की समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन आईडी पता करने के लिए अभिभावक हैरान-परेशान हैं। नगरपालिका कार्यालय में भारी भीड़ पड़ रही है। बुधवार को तो कई बार झगड़े हो गए। दरअसल तमाम कोशिशों के बावजूद पहली से 12वीं में पढ़ रहे सभी बच्चों की मेपिंग कर पाने में पिछड़े शिक्षा महकमे ने जिम्मेदारी अभिभावकों पर डाल दी है। कुल मिलाकर साल भर पहले हुए बेतरतीब सर्वे का खामियाजा अब लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
कुछ समय पूर्व सामाजिक सुरक्षा सर्वे हुआ था। ग्रामीण क्षेत्रों में जनपद और नगरीय क्षेत्रों में नगर पालिका/परिषदों ने सर्वे किया था। इसमें घर के प्रत्येक सदस्य की आईडी ((पहचान संख्या)) दी जाना थी। हर योजना की राशि संबंधित व्यक्ति के खाते में ही देने की योजना के क्रियान्वयन के लिए यह सर्वे किया गया था। हालांकि सर्वे में कई गड़बडिय़ां रह गईं। कई परिवारों की जानकारी ही गायब है। कहीं बच्चों के घरेलू नाम लिखे हैं, जो मिलान नहीं हो रहे तो कहीं नाम ही नहीं है। शासन ने सर्वे का प्रपत्र शिक्षा महकमे को थमा कर काम दिया कि पहली से 12वीं के बच्चों की कक्षा व उम्र की मेपिंग करो। सितंबर से अब तक 40 प्रतिशत ही मेपिंग हो सकी है। जिले में कुल 5 लाख 5 हजार विद्यार्थी हैं, जिनमें से 2 लाख की भी मेपिंग अभी तक नहीं हो पाई है। सबसे ज्यादा दिक्कत नगरीय क्षेत्र में है। गांवों में तो ग्राम पंचायत के पास उपलब्ध लिस्ट से मिलान हो पा रहा है लेकिन नगरीय क्षेत्र में एक ही स्कूल में अलग-अलग वार्डों के बच्चे पढ़ रहे हैं, जिनकी मेपिंग में भारी फजीहत हो रही है। प्रयासों के बाद भी बच्चों के आईडी नहीं मिल रहे तो शिक्षा महकमे ने निजी/सरकारी सभी स्कूलों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। स्कूल प्रबंधन विद्यार्थियों से कह रहा है कि आईडी पता कर बताओ। बच्चे घर पर अभिभावकों से आईडी पता करने के लिए कह रहे हैं। अभिभावक नगरपालिका/जनपद के चक्कर लगा रहे हैं। मेपिंग होने पर ही बच्चों को आईडी के जरिये छात्रवृत्ति समेत तमाम सरकारी योजनाओं की राशि खाते में डलेगी।




आईडी नहीं मिले तो आवेदन दो

नपा में कुछ कम्प्यूटर पर आईडी देखने की व्यवस्था की गई है। लोग पहुंच रहे हैं। आईडी नहीं मिलने पर दावे-आपत्ति में नाम जोडऩे का आवेदन कर रहे हैं। बुधवार को आए एसएफ लाइन के छात्र राकेश जमरा, पर्वतसिंह रुहेला ने बताया आईडी नहीं मिल रही। स्कॉलरशीप के लिए स्कूल में बताना है। त्रिमूर्ति नगर के मनीष काठेड़ ने बताया पुत्री भवि की आईडी पता करने आया हूं। और भी बड़ी संख्या में अभिभावक आए हुए थे।

॥स्कूल-अभिभावक सभी के समग्र प्रयास से मेपिंग हो पाएगी। बीआरसी को 10-10 पासवर्ड दिए हैं, जिससे काम में तेजी आएगी। आईडी नहीं मिलने पर आवेदन भी लेकर जनपद/नगरीय निकाय स्तर से कार्रवाई हो रही है।

अनिल वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी धार

सामाजिक सुरक्षा सर्वे - जिले में 5 लाख 5 हजार विद्यार्थियों में से 2 लाख की मेपिंग भी नहीं हो पाई