किसका क्या दायित्व
जिला शिक्षा अधिकारी व जिला परियोजना समन्वयक: बीटीसी पाठ्यक्रम में
योग्यताधारी शिक्षक को प्रवेश दिलाना। उनकी गैरमौजूदगी में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो इसकी वैकल्पिक व्यवस्था करना। डाइट प्राचार्य, डीपीसी और संकुल समन्वयक के साथ समन्वय स्थापित करना।
प्राचार्य एवं प्रशिक्षण संस्थान: बीटीसी पाठ्यक्रम संचालन के लिए कोर्स प्रभारी, वरिष्ठ व्याख्याता का चयन और चयनित अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि तक प्रवेश देना। सात-सात दिन के तीन चरणों में संपर्क कार्यक्रम आयोजित करना। इस दौरान पाठ्ययोजना निर्माण, सत्रगत कार्य, प्रोजेक्ट कार्य आदि पर चर्चा की जाएगी।
बीएड किया पर डीएड नहीं, ऐसे शिक्षकों को 6 माह तक दी जाएगी ट्रेनिंग
भास्कर संवाददाता - झाबुआ
बीएड किया, लेकिन डीएड नहीं ऐसे शिक्षकों के लिए राज्य शिक्षा केंद्र 6 माह का स्पेशल बीटीसी पाठ्यक्रम चलाएगा। इस दायरे में सभी सहायक शिक्षक, शिक्षाकर्मी, सहायक अध्यापक और संविदा शिक्षकों को शामिल किया गया है। आयुक्त राज्य शिक्षा केंद्र रश्मि अरुण शमी ने आदेश जारी कर जिला शिक्षा अधिकारी, संस्था प्राचार्य, जिला परियोजना समन्वयक और संकुल प्राचार्य के दायित्व भी तय कर दिए। पाठ्यक्रम का संचालन 1 फरवरी से जुलाई तक होगा। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि कोई भी योग्यताधारी शिक्षक उससे वंचित न रह जाए।
शिक्षकों के लिए अब बीटीसी पाठ्यक्रम का संचालन