हर दिन चुकाना पड़ रहा डेमरेज चार्ज
रेलवे गोदाम क्षेत्र में पहुंच मार्ग पर गड्ढे होने से आए दिन वाहनों
में हो रही टूटफूट
भास्कर संवाददाता - देवास
रेलवे माल गोदाम पर हम्माल दिन में ही काम करते हैं लेकिन रेलवे की घड़ी 24 घंटे चल रही है। रेलवे की इस व्यवस्था से रैक लोडिंग-अनलोडिंग करने वाले ठेकेदार ट्रांसपोटर्स को हर दिन हजारों रुपए का आर्थिक नुकसान हो रहा है। खराब सड़कों और पर्याप्त व्यवस्था के अभाव में समय पर रैक खाली नहीं हो रही है और हर दिन डेमरेज चार्ज के रूप में हजारों रुपए ट्रांसपोटर्स ठेकेदार को उठाना पड़ रहा है। दूसरी तरफ हर महीने करोड़ रुपए का भाड़ा वसूलने वाला रेलवे प्रबंधन माल गोदाम पर सुविधाएं जुटा नहीं पा रहा है। गोदाम क्षेत्र में पक्की सड़क नहीं है और बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं जिससे वाहनों में आए दिन टूटफूट हो रही है। रेलवे की लापरवाही से ट्रांसपोटर्स को दोहरा आर्थिक नुकसान हो रहा है जिसका अप्रत्यक्ष भार भी माल उत्पादकों पर आयात व निर्यात के लिए पड़ रहा है।
रात में हम्माल नहीं करते काम
ट्रांसपोटर्स हमीदभाई के अनुसार हम्माल सुबह 8-9 बजे आते हैं और रात 8-9 बजे ही वापस चले जाते हैं। यदि रैक रात को लगती है, तब भी माल सुबह ही खाली होता है। रेलवे रैक खाली करने के लिए नौ घंटे देती है लेकिन रैक लगने से लेकर खाली होने तक 15 से 20 घंटे हो जाते हैं। बावजूद इसके रेलवे की घड़ी रैक लगने के बाद से ही शुरू हो जाती है।
ट्रांसपोटर्स के अनुसार एक रैक में 50 से 58 डिब्बे होते हैं। इन्हें खाली करने के लिए रेलवे प्रबंधन मात्र 9 घंटे देता है। इस अवधि में यदि रैक खाली नहीं की गई तो रेलवे अतिरिक्त किराया वसूलता है। यही स्थिति रैक भरने की है। रैक लोडिंग के लिए भी इतना ही समय दिया जाता है।
एक रैक खाली करने के लिए देते हैं नौ घंटे
8 से 13 रुपए प्रति टन लेते हैं भाड़ा
ट्रांसपोटर्स शहर के अलग-अलग स्थानों से रेलवे गोदाम तक माल ले जाने के लिए विभिन्न कंपनियों से ठेका लेता है। 8 से 13 रुपए प्रति टन के हिसाब से भाड़ा लिया जाता है। यदि समय पर माल खाली नहीं हुआ या लोड नहीं हुआ तो अतिरिक्त समय का डेमरेज चार्ज ट्रांसपोटर्स को ही वहन करना पड़ता है।
॥रेलवे का समय 24 घंटे चलता है। वैगनों की संख्या के आधार पर फ्री घंटे निर्धारित हैं। निर्धारित समयावधि के बाद प्रति वैगन डेढ़ सौ रुपए डेमरेज चार्ज लेते हैं। औसतन प्रत्येक रैक से डेमरेज वसूला जाता है। एक वर्ष में औसत 200 रैक लगती है। निर्माण से संबंधित काम सिविल वाले देखते हैं। उसकी कोई जानकारी नहीं है।ञ्जञ्ज
-अरविंद दशोरे, रेलवे गोदाम इंचार्ज देवास
प्रति घंटे 150 रुपए प्रति वैगन चार्ज
ट्रांसपोटर्स के अनुसार नौ घंटे पूरे होते ही डेमरेज चार्ज लेते हैं जो प्रति घंटे प्रति वैगन 150 रुपए रहता है। इस हिसाब से प्रति घंटे औसत 6 हजार रुपए का डेमरेज चार्ज लगता है जबकि रात में हम्माल काम नहीं करते हैं। यहां पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था भी नहीं है ताकि रात की अलग से शिफ्ट लगाकर हम्माल बुलाए जा सकें।
गड्ढों की वजह से वाहनों में आए दिन टूट-फूट हो रही है।
करोड़ों रुपए का मासिक टर्नओवर फिर भी सुविधाएं नहीं, ठेका लेने वाले ट्रांसपोटर्स को हो रहा नुकसान