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- अपहरण के सात आरोपियों को तीन तीन साल की सजा
अपहरण के सात आरोपियों को तीन-तीन साल की सजा
अपहरण के सात आरोपियों को तीन-तीन साल की सजा
- अपर सत्र न्यायाधीश एके श्रीवास्तव की कोर्ट ने सुनाया फैसला, आरोपियों में तीन महिलाएं भी, सातों पर चार-चार हजार का अर्थदंड भी
भास्कर संवाददाता. झाबुआ
अपर सत्र न्यायाधीश एके श्रीवास्तव की कोर्ट ने शनिवार को अपहरण के मामले में फैसला सुना दिया। सात आरोपियों को तीन-तीन साल के सश्रम कारावास और अलग-अलग धाराओं में चार-चार हजार रुपए के अथदंड की सजा दी गई है। अभियोजन के अनुसार मामला ३ जून २०१३ का है। शाम करीब साढ़े चार बजे ग्रामीण बद्दा भाबोर निवासी कोटड़ा अपनी लड़की के साथ थांदला न्यायालय से कोर्ट पेशी कर यात्री बस से वापस अपने घर लौट रहा था। इस दौरान ग्राम छोटी धामनी में खवासा रोड पर आरोपी मोहनसिंह पिता ताजहिंग मेड़ा ((४०)), रमलीबाई पति मुनसिंग मेड़ा ((४०)), खनजा पिता प्रेमजी मेड़ा ((३५)), बसू पिता हुमा ((२१)), मोहन पिता जोगड़ा ((२५)), किलाबाई पति मोहन ((२४)) व संजलाबाई पति बसू मेड़ा ((२२)) सभी निवासी रसोड़ी ने बस रुकवा ली। सातों आरोपियों ने बद्दा की लड़की को बस से नीचे उतारा और अपहरण कर जीप में ले गए। मामले में थांदला थाने पर प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस ने विवेचनाकर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया। अभियोजन के ओर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्य और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने सातों आरोपियों को दोषी करार दिया। उन्हें धारा ३६६ में तीन-तीन वर्ष के कारावास व ३-३ हजार रुपए का अर्थदंड तथा धारा ३४४ में एक वर्ष की सजा और एक-एक हजार रुपए का अर्थदंड आरोपित किया। शासन की ओर से प्रकरण की पैरवी अपर लोक अभियोजक दीपक भंडारी ने की।
यह था मामला-
आरोपी मुनसिंग का लड़का सुरण की उम्र काफी कम थी। इसके बावजूद घरवालों ने उसकी सगाई फरियादी बद्दा की लड़की के साथ कर दी गई थी। बद्दा की लड़की ने सूरण की उम्र कम होने के कारण शादी से इनकार कर दिया। इसी बात की रंजीश को लेकर आरोपियों ने लड़की का अपहरण कर लिया।
यह था मामला
आरोपी मुनसिंग का लड़का सुरण की उम्र काफी कम थी। इसके बावजूद घरवालों ने उसकी सगाई फरियादी बद्दा की लड़की के साथ कर दी गई थी। बद्दा की लड़की ने सूरण की उम्र कम होने के कारण शादी से इनकार कर दिया। इसी बात की रंजीश को लेकर आरोपियों ने लड़की का अपहरण कर लिया।
अपर सत्र न्यायाधीश एके श्रीवास्तव की कोर्ट ने सुनाया फैसला, आरोपियों में तीन महिलाएं भी, सातों पर चार-चार हजार का अर्थदंड भी
भास्कर संवाददाता. झाबुआ
अपर सत्र न्यायाधीश एके श्रीवास्तव की कोर्ट ने शनिवार को अपहरण के मामले में फैसला सुना दिया। सात आरोपियों को तीन-तीन साल के सश्रम कारावास और अलग-अलग धाराओं में चार-चार हजार रुपए के अथदंड की सजा दी गई है। अभियोजन के अनुसार मामला ३ जून २०१३ का है। शाम करीब साढ़े चार बजे ग्रामीण बद्दा भाबोर निवासी कोटड़ा अपनी लड़की के साथ थांदला न्यायालय से कोर्ट पेशी कर यात्री बस से वापस अपने घर लौट रहा था। इस दौरान ग्राम छोटी धामनी में खवासा रोड पर आरोपी मोहनसिंह पिता ताजहिंग मेड़ा ((४०)), रमलीबाई पति मुनसिंग मेड़ा ((४०)), खनजा पिता प्रेमजी मेड़ा ((३५)), बसू पिता हुमा ((२१)), मोहन पिता जोगड़ा ((२५)), किलाबाई पति मोहन ((२४)) व संजलाबाई पति बसू मेड़ा ((२२)) सभी निवासी रसोड़ी ने बस रुकवा ली। सातों आरोपियों ने बद्दा की लड़की को बस से नीचे उतारा और अपहरण कर जीप में ले गए। मामले में थांदला थाने पर प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस ने विवेचनाकर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया। अभियोजन के ओर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्य और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने सातों आरोपियों को दोषी करार दिया। उन्हें धारा ३६६ में तीन-तीन वर्ष के कारावास व ३-३ हजार रुपए का अर्थदंड तथा धारा ३४४ में एक वर्ष की सजा और एक-एक हजार रुपए का अर्थदंड आरोपित किया। शासन की ओर से प्रकरण की पैरवी अपर लोक अभियोजक दीपक भंडारी ने की।