पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • परमात्मा की वाणी आत्म दर्पण है

परमात्मा की वाणी आत्म दर्पण है

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर संवाददाता. झाबुआ
अपने रूप को देखने के लिए जिस प्रकार दर्पण है, उसी प्रकार आत्मा का स्वरूप देखने के लिए परमात्मा की वाणी आत्म दर्पण है। जीव, अजीव, पुण्य, पाप, आश्रव, संवर, निर्जरा, बंध एवं मोक्ष इन नव तत्व को जो जीव समझकर अपने स्वरूप का आत्म चिन्तन कर आत्म साधना करेगा, वहीं वास्तव में जीवन को सार्थक बनाकर मोक्ष सुख का अधिकारी बनेगा।
यह बात आचार्यश्री जयंतसेनसूरीश्वरजी मसा ने त्रि-दिवसीय जिनेंद्रभक्ति महोत्सव के दूसरे दिन धर्मसभा ने कही। आचार्यश्री ने कहा आत्म पर भरोसा करना ही तत्व है। एक दिन तो जीव को संसार छोड़कर अवश्य ही जाना है। धर्मसभा में ओजस्वी वक्ता निपूर्णरत्न विजयजी मसा ने कहा जिस प्रकार कुम्हार घड़े को घड़ते समय बाहर से पीटता है और अंदर से सहारा देता है, उसी तरह सद्गुरु अपने शिष्य को संभालते हैं। जीव को पांच इद्रिया प्राप्त हुई है, जो उनका दुरुपयोग करता है, वह र्दुगति में जाता है। जो इन पांचों इंद्रियों का सदुपयोग करता है, वह सद्गति को प्राप्त करता है। जो जीव तत्व को समझकर आत्मा की पुष्टि कर लेता है वह सार्थक जीवन जी लेता है। धर्मसभा में मुनिराज संयम रत्नविजयजी मसा ने पंच तत्व के बारे में बताया।
श्री ऋषभदेव बावन जिनालय में तड़के पांच बजे से ही बावन जिनालय में आचार्य भगवंत के दर्शन वंदन के लिए श्रद्धालुओं के आने का क्रम आरंभ हो गया था। सुबह 6 बजे सोहनलाल कोठारी द्वारा भक्तांबर स्त्रोत संपन्न कराया गया। श्रावक-श्राविकाओं ने भगवान आदिनाथ का अभिषेक किया गया। इसके पश्चात सुबह साढ़े 9 बजे आचार्य भगवंत एवं साधु-साध्वी मंडल आदि ठाणा के सान्निध्य में चल समारोह निकाला गया। रास्ते में श्रद्धालुओं ने आचार्यश्री की गहुली की। धर्मसभास्थल पर सुश्रावक संजय मेहता ने श्री संघ को आचार्य श्री के सामूहिक गुरुवंदन कराए। आचार्यश्री के जीवन पर आधारित स्वरचना मनोज जैन व सुरेश समीर द्वारा प्रस्तुत की गई। स्वागत गीत की प्रस्तुति लता प्रधान द्वारा दी गई।
आचार्य श्री मानतुंगसूरीजी द्वारा रचित सर्व आधि-व्याधि एवं उपाधि निवारक महाप्रभावी श्री भक्तांबर महापूजन का आयोजन 12.39 बजे से प्रारंभ हुआ। पूजन विधिकारक त्रिलोक कांकरिया व ओच्छबलाल जैन द्वारा पूर्ण कराई गई। पूजन के अंत में शांति कलश यात्रा एवं 108 दीपकों से महाआरती उतारी गई। रात्री में दीक्षार्थी बहन प्राची छाजेड़ के निमित्त सामूहिक चौबीसी का आयोजन हुआ। धर्मचंद मेहता की ओर से प्रभावना वितरित की गई।
आज निकलेगी शोभा यात्रा
दीक्षार्थी बहन प्राची सुरेश छाजेड़ की रविवार सुबह साढ़े नौ बजे नगर में भव्य शोभा यात्रा निकलेगी। इस दौरान वर्षीदान व बहुमान का कार्यक्रम होगा। इसके पश्चात दोपहर 12.39 बजे के मुहूर्त में गुरुदेव श्री राजेन्द्र सूरीश्वरजी मसा की अष्टप्रकारी पूजन की जाएगी।



धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य जयंतसेनसूरीश्वरजी म.सा.।

तीन दिनी महोत्सव के दौरान आचार्य जयंतसेनसूरीश्वरजी मसा ने धर्मसभा में कहा