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चिडिय़ा मारने के बहाने दुष्कृत्य करने वाले को सात साल की जेल

8 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता - बुरहानपुर
शाहपुर थाने के ग्राम जम्बूपानी में चिडिय़ा मारने का बहाना बनाकर खेत के टपरे में महिला के साथ दुष्कृत्य करने वाले आरोपी को जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंद मोहन खरे ने 7 साल के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना जमा नहीं करने पर छह महीने का अतिरिक्त कारावास झेलना होगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश ने दो महीने में ही फैसला सुना दिया।



पीडि़ता को मिलेगी

जुर्माने की रकम

जिला न्यायाधीश श्री खरे ने प्रकाश को भादंवि की धारा 376 ((1)) के तहत दोषी पाते हुए 7 साल के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की रकम पीडि़ता को दी जाएगी। आरोपी को जेल भेज दिया गया है।



यह कहा कोर्ट ने

जिला न्यायाधीश श्री खरे ने फैसले में महिला के दिए बयान को मुख्य आधार माना। उन्होंने कहा उस समय महिला का पति महाराष्ट्र गया हुआ था। पूरे मामले की एकल साक्ष्य खुद पीडि़त महिला थी। जो घर में अपने बच्चों के साथ अकेली थी। इसे परिस्थितिजन्य साक्ष्य के निराकरण के दायरे में मानते हुए बचाव पक्ष की दलीलें खारिज की गई हैं।

यह था मामला

लोक अभियोजक श्याम देशमुख ने बताया जम्बूपानी में 18 नवंबर २०13 की रात 10 बजे प्रकाश भूरला गांव की ही एक महिला के टपरे में घुस गया। महिला बच्चों के साथ सो रही थी। प्रकाश के हाथ में टार्च और लकड़ी थी। महिला ने उससे घर आने का कारण पूछा तो उसने कहा मैं लावरा ((चिडिय़ा)) मारने आया हूं। इसके बाद उसने महिला के साथ दुष्कृत्य किया।



जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया

जम्बूपानी में महिला के साथ किया था दुष्कृत्य