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> जिम्मेदार अफसरों का नहीं ध्यान, सर्द मौसम में परेशान हो रहे लोग

8 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता - बुरहानपुर
सर्द मौसम और ठंडी हवा हीटर जलाकर बंद कमरों में बैठे लोगों को भी कंपकपा रही है। कहीं लोग अलाव जलाकर ठंड से बचने के जतन कर रहे हैं। तो कहीं गर्म चाय की चुस्कियों से सर्दी दूर करने की कोशिश की जा रही है। बावजूद सारे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। इससे उलट कई गरीब सड़क-फुटपाथों पर ठिठुर रहे हैं। उधर लाखों रुपए की लागत से बने न्यामतपुरा डाकवाड़ी स्थित रैन बसेरे पर ताला लटका है। ठिठुरते गरीबों की ओर ना तो जिम्मेदार अफसरों का ध्यान है और ना ही सेवा का ढिंढोरा पिटने वाली समाजसेवी संस्थाओं का। जिम्मेदारों की इसी लापरवाही को उजागर करती फोटो जर्नलिस्ट रिजवान खान की विजुअल रिपोर्ट।




ओढऩे-बिछाने को कुछ नहीं क्या करें

रेलवे स्टेशन पर ही दो बुजुर्ग महिलाएं शुक्रवार की रात ठंड से कांपती रहीं। उनसे पूछने पर उन्होंने अपना नाम तो नहीं बताया, लेकिन यह कह दिया कि इस ठंड में ओढऩे और बिछाने के लिए कुछ नहीं है। ठंड से बचने के लिए आखिर करें भी तो क्या करें।

रैन बसेरे पर ताला, सड़क फुटपाथ पर ठिठुर रहे गरीब



सर्द रात में सुला रहीं ममता की थपकी

इंदौर-इच्छापुर हाईवे किनारे बस स्टैंड के सामने की दुकानों के ओटले पर एक साल की नन्हीं नेहा सर्दी में ठिठुर रही है। इससे नींद नहीं आने पर मां अनिता मोहन की ममता भरी थपकी उसे जैसे-तैसे सुला रही है। अनिता ने बताया वह बेटी नेहा, बेटे निलेश, लक्ष्मण सहित परिजन पप्पू, उमेश, सोनू और कमलाबाई के साथ आठ दिन से यहां रह रही है।

शाम से सुबह तक रहे ठिठुरते

शुक्रवार रात इच्छापुर निवासी कालीदास पत्नी चंद्रिकाबेन के साथ स्टेशन पर ठिठुरते रहे। उन्होंने बताया गुजरात जाना है। इसके लिए शनिवार सुबह ८ बजे ट्रेन है। हम शुक्रवार शाम ५ बजे स्टेशन आ गए। यहां जैसे-तैसे ठंड से बचने के जतन कर रहे हैं।