माघ में भादौ से बरसे मेघ, फसलें बर्बाद
माघ में बादल ऐसे बरस रहे हैं जैस भादौ चल रहा है। ओले, आंधी और मावठे ने निमाड़ के किसानों की कमर तोड़ दी है। किसान के मुताबिक करीब ५० प्रतिशत फसल बर्बाद हुई है।
खरगोन. खेतों में आड़ी पड़ी फसलों को देखकर किसानों के आंसू निकल रहे हैं। कई किसानों की चने की फसल कटकर तैयार थी, वह भी भीग गई। किसान सर्वे कर पर्याप्त सहायता की मांग कर रहे हैं।
खंडवा जिला : चना व प्याज की फसल को ज्यादा नुकसान
हवा और मावठे ने जिले में फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। गेहूं की फसल आड़ी हो गई। यहां सबसे ज्यादा चना व प्याज की फसल खराब हुई है। अरहर, कपास व मिर्च की फसल भी जमीन पर आ गई है।
बुरहानपुर जिला : आंधी से केला, गन्ना के पौधे गिरे
आंधी के साथ चली तेज आंधी ने जिले में फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। डोईफोडिय़ा, निंबोला, देड़तलाई सहित अन्य क्षेत्रों में गेहूं की फसल जमींदोज हो गई। केला, गन्ना व मक्का के पौधे आड़े हो गए।
आगे क्या : मौसम केंद्र निदेशक डीपी दुबे ने बताया कि गुजरात और राजस्थान पर बने ऊपरी हवा के चक्रवात का प्रभाव अब मप्र में बेहद कम हुआ है। शनिवार को गरज -चमक के साथ बूंदा-बांदी हो सकती हैं।
पर्याप्त सहायता की मांग
बड़वानी जिला : फसलें आड़ी पड़ी, कपास भीगा
बारिश से खेतों में गेहूं और चने की फसलों के फूल खिर और पत्ते पीले पड़ गए। दो दिन से गिर रहे मावठे के नुकसान के आकलन के लिए राजस्व अमला भी सक्रिय हो गया है। सेंधवा में जीनिंगों में रखा कपास भीग गया।