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तेज हवा एवं चने के आकार के ओले व तेज बारिश से फसलें जमीन पर बिछी, किसानों सर्वे की मांग की

8 वर्ष पहले
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तहसीलदार ने कुछ किसानों के साथ खेतों का निरीक्षण किया।

बारिश व तेज हवा से आड़ी पड़ी गेहूं फसल।

गेहूं फसल को अधिक नुकसान, सर्वे की मांग

नागझिरी - क्षेत्र के बडग़ांव, मगरिया, राजपुरा, बागदरा सहित कई गांवों में गुरुवार की रात हुई तेज बारिश ने गेहूं फसलों को नुकसान पहुंचाया है। किसानों ने बताया ओले व तेज हवा के साथ हुई बारिश ने फसलों को आड़ी कर दी। इससे किसानों को नुकसान हुआ है। किसान सीताराम चौधरी, रामचंद्र, मोतीराम, मांगीलाल पटेल, महेंद्र कुशवा व बागदरा सरपंच रतनसिंह ने तहसीलदार से फसल नुकसानी का सर्वे कराने की मांग की है।

मावठे की बारिश से गेहूं फसल को नुकसान

गोगांवा/घुघरियाखेड़ी - दो दिन से हो रही तेज बारिश व हवा के कारण किसानों की गेहूं फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। किसान बलीराम चौहान, दीपक रतनसिंह चौहान ने बताया 5 से 6 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल बारिश से आड़ी पड़ गई। वहीं आसपास के गांव दयालपुरा, मोहम्मदपुर, बैजापुर, सुरपाला, मछलगांव व बिटनेरा में भी फसलें मावठे की बारिश से प्रभावित हुई हैं। बिटनेरा के किसान संजय माली ने बताया उनकी एक एकड़ क्षेत्र में बोई गेहूं फसल पूरी तरह जमीन पर आड़ी पड़ गई। किसानों ने नुकसानी का सर्वे कर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।



तेज हवा के साथ ओले गिरे, फसलों को नुकसान

भग्यापुर - गुरुवार की रात दस बजे मावठे की तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे। करीब एक बजे तक चली तेज हवा ने खेतों में खड़ी फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया। किसानों की रबी फसल गेहूं, चना व मिर्च की फसलें आड़ी पड़ गई। किसान राकेश कुमावत, सदाशिव, कैलाश चौहान, सीताराम बालके ने बताया दो दिनों से हो रही तेज बारिश व हवा से फसलों को नुकसान हुआ है। पिछले वर्ष भी मौसम की मार से किसानों को काफी नुकसान हुआ था जिसका कोई क्षतिपूर्ति नहीं की गई। इस साल भी फसलों को नुकसान हुआ है। किसानों ने नुकसानी का सर्वे कर आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है।



बारिश से फसल खराब, किसान परेशान

घुघरियाखेड़ी - गांव सहित क्षेत्र के देवलगांव, सोलना में शुक्रवार सुबह 8 बजे से हुई तेज बारिश के साथ ओले गिरने से गेहूं, चना व मिर्च फसलों को नुकसान हुआ है। गुरुवार की रात 10 बजे तेज हवा एवं बारिश के साथ चने के बराबर ओले भी गिरे। खलिहानों में सूखने के लिए रखी मिर्च फसलें भी भीगकर खराब हो गई। गांव के किसान बिजेसिंह राजपूत, शिवराम चौहान, लतीफ खान, कंवरसिंह बारेला ने बताया बारिश व हवा से खेतों की खड़ी फसलें आड़ी पड़ गई।



पटवारियों को सर्वे करने के दिए आदेश

कसरावद - तीन दिन से जारी मावठे की बारिश का क्रम शुक्रवार को भी जारी रहा। बारिश के साथ आई हवा-आंधी से गेहूं फसल की नुकसानी के लिए राजस्व अफसरों ने बैठक लेकर सर्वे के आदेश दिए हैं। बैठक लेकर पटवारियों को प्रभावित फसलों का सर्वे कर शीघ्र रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। गुरुवार की रात करीब 11 बजे से शुरू हुई बारिश का क्रम रुक-रुक कर चलता रहा। सर्द हवाओं ने जहां लोगों की परेशानी बढ़ाई वहीं खेतों में बालियां आ चुकी गेहूं फसल को भी काफी प्रभावित किया है। शुक्रवार को राजस्व विभाग ने भास्कर में प्रकाशित समाचार के बाद लोहारी, सेनानी, अघावन, चंदनपुरी, बरसलाय, ओझरा गांव के प्रभावित खेतों का निरीक्षण किया।

आड़ी पड़ी गेहूं की फसल।

मावठे ने किया लाखों का नुकसान

ऊन/टांडाबरुड़ - दो-तीन दिन के दौरान हुई तेज बारिश एवं हवाओं से गेहूं तथा चना फसलों को काफी नुकसान हुआ है। क्षेत्र के किसानों की फसल खराब होकर पूरी तरह बिछ गई है। किसान दिलीप गुप्ता एवं मुकेश परसाई ने बताया गांव सहित कमोदवाड़ा, घोट्या, रायबिड़पुरा, तलकपुरा, गंधावड़, चंदावड़, छोटी ऊन व भमोरी गांव की करीब 500 हेक्टेयर की फसलें तबाह हुई है। इसी तरह टांडाबरुड़ के कोठाखुर्द, देवली, कोठा बुजुर्ग, सिनखेड़ा क्षेत्र के किसानों की फसलें भी तेज बारिश व ओले गिरने से खराब हुई है। किसान ज्ञानेंद्रसिंह मंडलोई, संजय मंडलोई, रामचंद्र कुमरावत ने राजस्व विभाग से फसलों का सर्वे कर मुआवजे की मांग की है। वहीं देर रात हुई तेज बारिश से ईंट-भट्टा व्यवसायियों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। कच्ची बनाई ईंटें पानी में पूरी तरह से गलकर बह गई। इससे उन्हें भी लाखों का नुकसान हुआ है।



॥प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वे कर नुकसान प्रतिशत की आंकलन रिपोर्ट एक सप्ताह में देने को कहा है। करीब दो सौ हेक्टेयर रकबा प्रभावित हो सकता है। 25 फीसदी से अधिक प्रभावित होने पर नुकसान माना जाता है।ø- बसंती ठाकुर, तहसीलदार भगवानपुरा

राजस्व अमले की कमी बनी परेशानी, सर्वे किया जाएगा

राजस्व निरीक्षक मनोहर अत्रे ने किसानों को प्रतिकूल स्थिति में भी अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा 56 पटवारी हलकों में 97 गांव है। एक-एक पटवारी के पास आठ-आठ गांव हैं। इसके बावजूद अन्य रुटीन काम भी करना पड़ते हैं। हालांकि यथासंभव सर्वे किया जाएगा।

मांडवखेड़ा में तेज बारिश से मकान गिरे, सर्वे के निर्देश

मांडवखेड़ा के सरपंच कृपालसिंह अवासे ने बताया ठक्करसिंह पिता गुमसिंह एवं भुरू पिता रुमाल के मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। तहसील कार्यालय द्वारा कृषि विस्तार अधिकारियों एवं पटवारियों को निरीक्षण कर सर्वे करने के निर्देश दिए हैं।