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घरेलू हिंसा से पीडि़त महिलाओं को जोड़ेंगे रोजगार से, कराएंगे कोर्स
भास्कर संवाददाता - बुरहानपुर
घरेलू हिंसा से पीडि़त महिलाओं को महिला एवं बाल विकास विभाग रोजगार से जोड़ेगा। यह पहल महिला सशक्तिकरण योजना के माध्यम से की जा रही है। 5 साल में विभाग के पास करीब 300 ऐसे मामले आए जिसमें समझाइश देकर रिश्ते टूटने से बचाए गए। लेकिन समझाइश के बाद भी नहीं जुडऩे वाले मामलों में महिला के सामने भरण-पोषण की समस्या आ जाती है। अब विभाग ऐसी महिलाओं को ब्यूटीशियन से लेकर फार्मेसी और दूसरे रोजगारमूलक कोर्स से जोड़ेगा। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी।
माता-पिता, पत्नी की ओर से लग रहे केस
घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत माता-पिता और पत्नी की ओर से महिला एवं बाल विकास विभाग में शिकायत दर्ज कराई जाती है। छोटे से मनमुटाव में भी घरेलू हिंसा की शिकायत होने लगी है। विभाग ने पिछले दिनों 90 साल की एक बुजुर्ग महिला को समझौते के तहत उसका हक दिलाया। परिवार उसका भरण-पोषण नहीं कर रहा था।
॥महिलाओं को पाठ्यक्रम से जोडऩे के लिए आवेदन आमंत्रित किए जा चुके हैं। फिलहाल डीएड-बीएड कर चुकी महिलाओं के आवेदन ज्यादा आ रहे हैं। पहले यह देखा जाएगा कि महिलाओं का रूझान किस दिशा में है।ø
अब्दुल गफ्फार खान, जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी, बुरहानपुर
((महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार))
इन कोर्स से जोड़ेंगे महिलाओं को
फार्मेसी, नर्सिंग, फिजियोथेरेपी, ब्यूटीशियन, कम्प्यूटर डिप्लोमा, शार्ट हैंड, टाइपिंग, शार्ट टर्म मैनेजमेंट कोर्स, डीएड, बीएड, आईटीआई पाठ्यक्रम, बैंकिंग, होटल, इवेंट मैनेजमेंट, प्रयोगशाला सहायक सहित अन्य सरकारी प्रशिक्षण।
197 नवविवाहिताओं को भेजा परिवार में
॥विभाग के पास आए मामलों में से 197 नवविवाहिताओं को उनके परिवार में भेजा गया। अब उन्हें रोजगारमूलक योजनाओं से जोडऩे का काम किया जा रहा है। 58 प्रकरण न्यायालय में चल रहे हैं।ø
शुभांगी मुजुमदार, परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, बुरहानपुर
पांच साल में
आए मामले
वर्ष केस
2008-09 32
2010-11 59
2011-12 98
2012-13 49
2013-14 62
महिला सशक्तिकरण योजना - 5 साल में सामने आए घरेलू हिंसा के 300 मामले, दहेज प्रताडऩा, मारपीट और माता-पिता का भरण-पोषण नहीं करने के मामले आ रहे सामने