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आज अस्पतालों में लगी है भ्रूण हत्यारों की कतार

7 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता - बुरहानपुर
रामायण में भाई-भाई का आदर्श बताया गया है। लेकिन आज भाई-भाई से मुकदमा लड़ रहा है। सब एक-दूसरे का गला काटने में लगे हैं। शासन में बैठे लोग जनता के रक्षक नहीं भक्षक बन गए हैं। बहन-बेटियों की इज्जत सुरक्षित नहीं है। द्वापर युग में कंस एकमात्र भ्रूण हत्यारा था। लेकिन आज अस्पतालों में भ्रूण हत्यारों की कतार लगी है।
नेहरू स्टेडियम पर अखिल विश्व गायत्री परिवार की प्रज्ञा पुराण कथा के पहले दिन गुरुवार को शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे प्रदीपकुमार अवस्थीजी ने यह बात कही। दोपहर 2.30 बजे से शुरू हुई कथा में उन्होंने कहा पहले एक रावण था आज हर तरफ रावण हैं। पहले एक भस्मासुर था। लेकिन आज तरह-तरह के हथियार पृथ्वी को भस्म करने में लगे हैं। उन्होंने कहा मानव भगवान का राजकुमार है। उसे भटकने से बचाने के लिए चार वेद बने हैं। लेकिन मानव इन्हें अब तक समझ नहीं पाया। आज के शिक्षक और विद्वान ब्राह्मण स्वरूप है। लेकिन सब असत्य को धारण किए हुए हैं। पहले दिन कथा श्रवण को महिलाएं अधिक पहुंचीं। पुरुषों की संख्या कम रहीं। कथा शाम 5.30 बजे तक चली।



प्रज्ञा पुराण कथा के पहले दिन युग ऋषि ने बताया जीवन दर्शन का मार्ग।