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- सबकुछ सही, फिर भी मिले नोटिसऑनलाइन रिटर्न की तकनीकी खामियों के कारण 500 से अधिक व्यापारी परेशान
सबकुछ सही, फिर भी मिले नोटिसऑनलाइन रिटर्न की तकनीकी खामियों के कारण 500 से अधिक व्यापारी परेशान
सिटी रिपोर्टर - रतलाम
सेल्स टैक्स रिटर्न ऑनलाइन होने से शहर के 500 से अधिक व्यापारी मुसीबत में आ गए हैं। व्यापार में सबकुछ सही है, लेकिन कंप्यूटर को पर्चेस व सेल की तारीख अलग-अलग मिलने से सेल्स टैक्स विभाग ने व्यापारियों को नोटिस थमा दिए हैं। व्यापारी सारे कामकाज छोड़़कर नोटिस का जवाब देने जुट गए हैं। किराना, तेल, रेडीमेड सहित अन्य कारोबारियों को नोटिस मिले हैं।
सूत्रों के मुताबिक सेल्स टैक्स विभाग सेल्स और पर्चेस की लिस्ट भी व्यापारियों से मांग रहा है। कंप्यूटर तारीखों में अंतर मिलने पर बिल स्वीकार नहीं कर रहा और विभाग नोटिस जारी कर रहा है। इसे ऐसे समझा जा सकता है- एक व्यापारी ने इंदौर से 30 सितंबर को माल खरीदा। इंदौर का व्यापारी बिक्री की तारीख 30 सितंबर डालेगा। माल दो दिन बाद 2 अक्टूबर को रतलाम आया तो यहां का व्यापारी खरीदी तारीख 2 अक्टूबर डालेगा। जाहिर है कि दोनों व्यापारी पर्चेस और सेल्स की तारीख अलग-अलग बताएंगे। कम्प्यूटर इसे स्वीकार नहीं कर रहा।
कंपनी का पूरा नाम नहीं तो भी नोटिस
धानमंडी के कुछ व्यापारियों ने फर्म का नाम लिखा लेकिन प्रा.लि. लिखना भूल गए। इसके लिए भी उन्हें नोटिस मिल गए। पहले भी वे कंपनी का पूरा नाम नहीं लिखते थे। लेकिन नोटिस नहीं मिले।
ऑनलाइन फॉर्म से भी मुसीबत - मान लीजिए किसी व्यापारी ने मुंबई में माल बुक किया तो उसे फॉर्म-49 विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन भरना होगा। इसमें ट्रक नंबर, बिल्टी नंबर, सामने वाले व्यापारी का टिन नंबर, कब माल बुक कराया आदि दर्ज कर ट्रांसपोर्टर को देना होता है। फॉर्म पर जो नंबर डला यदि वो खराब हो जाए तो दूसरे ट्रक में माल लोड करना पड़ेगा। इससे ट्रक नंबर बदल जाता है। ऐसे में भी विभाग कार्रवाई कर सकता है। पहले बॉर्डर पर गेटपास लगता था। इसमें फॉर्म मिलता था जिसे हाथ से भर सकते थे। इससे यह दिक्कत नहीं आती थी। अधिकतर व्यापारी फोन पर मालबुक कराते हैं। अब इन्हें ऑनलाइन फॉर्म ट्रासंपोर्टर को भेजना पड़ रहा है। कई व्यापारियों के पास कम्प्यूटर नहीं है। उन्हें दूसरी जगह फॉर्म निकलवाना पड़ रहा है। इससे समय व पैसा बर्बाद हो रहा है।