ज्ञान से नहीं आता अभिमान
सिटी रिपोर्टर - रतलाम
परमात्मा के नाम में प्रीति रखने से मन शुद्ध रहता है। मनुष्य को अभिमान से दूर रहना चाहिए। ज्ञान और धर्म को आत्मसात करने वाले से अभिमान सदैव दूर रहता है। ये विचार पं. योगेश्वर शास्त्री ने इंद्रलोकनगर स्थित हनुमान व इंद्रेश्वर महादेव परिसर में रामकथा में कही। उन्होंने कहा अयोध्या कांड से शिक्षा मिलती है कि जगत में किसी से दुर्भावना नहीं रखना चाहिए। ईश्वर के स्मरण मात्र से भौतिक संसार से मुक्ति मिल जाती है। पं. मृदुलकृष्ण शास्त्री ने भजनों की प्रस्तुति दी। पं. गोपाल कृष्ण शर्मा, पं. श्याम पुरोहित, पं. पवन उपाध्याय ने मूल पाठ किया। लक्ष्मीनारायण दुबे ने तबले पर संगत दी। कथा पारायण दोपहर 12 से 4 बजे तक हो रहा है।
पूर्णाहुति आज- टेलीफोननगर की भागवत कथा में पं. दिनेशकृष्ण शास्त्री ने श्रीकृष्ण-सुदामा प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने कहा जहां स्वार्थ होता है वहां मित्रता नहीं होती। सुदामा की मित्रता में आस्था, विश्वास था। इससे उन पर भगवान की कृपा रही। रणजीतसिंह सिसौदिया ने बताया कथा का समापन व यज्ञ की पूर्णाहुति गुरुवार सुबह 11 बजे होगी।
भागवत कथा आज से - दीनदयालनगर सांवरिया राज ट्रेडर्स के सामने स्थित अंबेमाता मंदिर में गुरुवार से श्रीमद्भागवत कथा शुरू होगी। पं. दिनेशकृष्ण शास्त्री वाचन करेंगे। शुरू में पोथी की शोभायात्रा निकलेगी। समापन 29 जनवरी को होगा।