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दुकानों की रजिस्ट्री की तैयारीञ्च व्यापारियों ने कहा- नगर निगम अपने खर्च पर करवाए रजिस्ट्री
सिटी रिपोर्टर - रतलाम
अतिक्रमण के विवाद के बाद सराफा व्यापारियों ने आजाद चौक की दुकानों की रजिस्ट्री कराने की तैयारी शुरू कर दी है। गुरुवार को व्यापारी प्रभारी मंत्री से मिले। उन्होंने नगर निगम के खर्च पर रजिस्ट्री करवाने की मांग की। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांग नहीं मानीं तो वे प्रदेश भाजपा कार्यालय पर अनशन करेंगे।
सराफा एसोसिएशन अध्यक्ष झमक भरगट व्यापारियों के साथ सुबह 9.30 बजे सर्किट हाउस पर प्रभारी मंत्री से मिले। भरगट ने बताया 12 दुकानों की रजिस्ट्री हुई है। अन्य दुकानों की रजिस्ट्री अब तक नहीं कराई। प्रभारी मंत्री ने महापौर शैलेंद्र डागा, विधायक चेतन्य काश्यप, कलेक्टर राजीव दुबे, एसपी डॉ. जी. के. पाठक, निगम आयुक्त सोमनाथ झारिया से इस बारे में मशविरा किया। आधे घंटे से ज्यादा चर्चा के बाद प्रभारी मंत्री ने व्यापारियों को नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सीएम से चर्चा करेंगे- प्रभारी मंत्री ने बताया व्यापारियों की मांगों के मुताबिक रजिस्ट्री कराना संभव नहीं है। इस बारे में सीएम से चर्चा करेंगे। महापौर ने बताया राज्य शासन व सीएम से मार्गदर्शन लेना जरूरी है। रजिस्ट्री के लिए व्यापारी आवेदन दें। निगम नियमानुसार रजिस्ट्री कराने के लिए तैयार है।
50 से ज्यादा दुकानों की रजिस्ट्री नहीं- चांदनी चौक ((आजाद चौक)) क्षेत्र का सराफा बाजार 100 साल से ज्यादा पुराना है। यहां पहले 14 बॉय 16 वर्ग फीट की 60 से ज्यादा दुकानें थीं। 1974 में आपातकाल के वक्त नगर पालिका के तत्कालीन अधिकारियों ने रातों-रात दुकानें तोड़ दी थीं। 1976-77 में तत्कालीन नपा अध्यक्ष मोतीलाल दवे ने आजाद चौक में दुकानें बनवाकर व्यापारियों को दीं। तब 12 दुकानों की ही रजिस्ट्री हो सकी थी। 50 से अधिक दुकानों की रजिस्ट्री अब तक नहीं हो सकी। नतीजतन न तो निगम को इन दुकानों का किराया मिलता है और न ही संपत्तिकर।