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दो घंटे हंगामा, नतीजा सिफरलहसुन-प्याज व्यापारियों ने भी किया मंडी बंद का समर्थन

8 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर. रतलाम
खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम को लेकर मंडी में दो घंटे तक हंगामा मचा। बावजूद अधिकारी व्यापारियों-किसानों को मानक-अमानक की जानकारी नहीं दे पाए।
शनिवार को महू रोड कृषि उपज मंडी कार्यालय पर खाद्य आपूर्ति अधिकारी के. एस. ब्राह्मणे व फूड सेफ्टी ऑफिसर बी. एस. जामोद ने व्यापारियों और किसान प्रतिनिधियों की बैठक ली। अधिकारियों ने व्यापारियों को उपज खरीदी के लिए राजी करने का प्रयास किया लेकिन वे नाकाम रहे। व्यापारी मानक-अमानक स्तर स्पष्ट करने पर अड़े थे। अधिकारी उन्हें संतुष्ट नहीं कर पाए। उनका कहना था रजिस्ट्रेशन जरूरी है। समाधान नहीं हुआ तो व्यापारियों ने हंगामा कर दिया। व्यापारियों का कहना था कि पहले स्पष्ट करें कि अनाज को अमानक ठहराने के नियम क्या होंगे। क्या खामी होने पर गेहूं, चना या सोयाबीन को मानक-अमानक माना जाएगा। मानक-अमानक का स्तर तय करने के लिए व्यापारियों ने गेहूं व चने के सैंपल भी दिखाए, लेकिन अधिकारी निर्णय नहीं कर सके। हंगामा दो घंटे चला।



लहसुन-प्याज मंडी भी दो दिन बंद- अधिनियम के विरोध में 27 व 28 जनवरी को प्याज-लहसुन मंडी भी बंद रहेगी। लहसुन-मिर्च व्यापारी संघ अध्यक्ष मोतीलाल बाफना ने बताया अधिनियम की पूूरी जानकारी होना चाहिए। प्याज-लहसुन का मानक स्तर क्या रहेगा, यह अधिकारियों को भी पता नहीं है।

निर्णय नहीं हो सका- मंडी अध्यक्ष प्रकाश भगोरा ने बताया चर्चा हुई। कोई निर्णय नहीं हो सका है। दि ग्रेन एवं सीड्स मर्चेंट एसोसिएशन के मनोज जैन ने बताया अधिकारी हल नहीं निकल सके। आर.एन. सिलावट, डी. पी. धाकड़ सहित व्यापारी मौजूद थे।

मानक-अमानक समझाने के लिए चने व गेहूं के सेंपल अधिकारियों को दिखाए।