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आत्मरक्षा का कारगर तरीका है मार्शल आर्ट- कला-विज्ञान महाविद्यालय में 10 दिनी शिविर का समापन
आत्मरक्षा में कारगर है मार्शल आर्ट
रतलाम. अच्छी शिक्षा के साथ बेहतर कॅरियर के लिए महिलाएं घर से बाहर निकल रही हैं। छेड़छाड़ से बचने व आत्मरक्षा के लिए मार्शल आर्ट कारगर है। यह बात खेल अधिकारी ताहिरा खान ने कला-विज्ञान महाविद्यालय में 10 दिनी जूडो-कराते शिविर के समापन पर कही। उन्होंने कहा मार्शल आर्ट हर छात्रा को सीखना चाहिए। वे स्वयं के साथ दूसरों की भी रक्षा कर सकती हैं। विशेष अतिथि लॉ कॉलेज प्राचार्य अनुराधा तिवारी ने कहा छात्राएं स्वयं को कमजोर न समझें। डॉ. विक्रम दत्ता ने कहा जीवन में शिक्षा ही पर्याप्त नहीं। शारीरिक व मानसिक शक्ति भी जीवन के लिए जरूरी है। डॉ. मधु गुप्ता, डॉ. निशा जैन, डॉ. प्रीति जोशी, डॉ. एस.एस. मौर्य मौजूद थे। संचालन डॉ. पूर्णिमा लोदवाल ने किया। आभार डॉ. वंृदा गुप्ता ने माना।