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नौकरी दिलाने के नाम पर एएसआई ने लिए 50 हजारधोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया

8 वर्ष पहले
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ञ्चदो विद्यार्थियों ने पत्नी के जेवर बेचकर दिए रुपए
ञ्चअन्य युवकों को भी झांसा देने का आरोप
सिटी रिपोर्टर. रतलाम
विशेष शाखा के एक एएसआई ने नौकरी दिलाने के नाम पर दो विद्यार्थियों से एक लाख रुपए ले लिए। विद्यार्थियों ने पैसे देने के लिए पत्नी के जेवर तक बेच दिए। उन्होंने धोखाधड़ी करने वाले एएसआई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपी पर अन्य युवकों को भी झांसा देने का आरोप है।
औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी आर.सी. दांगी ने बताया एएसआई कैलाश डिंडोर के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है। डोंगरानगर निवासी शैतानसिंह हाड़ा आदिवासी विभाग के होस्टल में रहता था। उसके साथी शेखर भगोरा को पुलिस में नौकरी मिली थी। उसके वेरीफिकेशन के दौरान डिंडोर से मुलाकात हुई थी। डिंडोर ने बताया था सीआईडी को रतलाम, मंदसौर व नीमच में युवकों की जरूरत है। शेखर की नौकरी मैंने लगवाई है। तुम्हें भी पुलिस विभाग में भर्ती करवा दूंगा।
शैतानसिंह के अनुसार डिंडोर ने एक लाख रुपए मांगे थे। पचास हजार रुपए पहले और शेष राशि नौकरी मिलने के बाद देना था। शैतानसिंह व उसके भाई नाहरसिंह ने 2010 में पत्नी के जेवर बेचकर एक लाख रुपए दिए थे।




घर से चला गया

शैतानसिंह ने बताया डिंडोर ने उन्हें दूसरे कर्मचारियों के मोबाइल नंबर दिए थे। बात करने वह नाहरपुरा स्थित ऑफिस बुलाता था। एक साल बाद वह गायब हो गया। उसके अलकापुरी स्थित घर गए लेकिन मां व पत्नी के अलावा कोई नहीं मिला। कर्मचारियों ने बताया डिंडोर का रतलाम से शहडोल फिर डिंडोरी ट्रांसफर हो गया था। नौकरी दिलाने के नाम पर उसने कई लोगों से रुपए लिए थे। शिकायत पर वह निलंबित और बर्खास्त हो चुका है।