पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • भजनों पर थिरके श्रद्धालु

भजनों पर थिरके श्रद्धालु

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रतलाम - श्रीमद्भागवत कर्मों का उपचार भी करती है। प्रभु का स्मरण कर भागवत को आत्मसात करने से आत्मा का कल्याण होता है। ये विचार पं. दिनेशकृष्ण शास्त्री ने दीनदयालनगर में आयोजित भागवत में व्यक्त किए।
बुधवार को श्रीकृष्ण-रुक्मिणि विवाह का जीवंत चित्रण हुआ। भजनों पर श्रद्धालुओं ने नृत्य किया। पं. शास्त्री ने कहा मनुष्य जन्म पुण्यों से मिलता है। सद्कर्म और श्रद्धा से प्रभु को पाया जा सकता है। गुरु आज्ञा को मानकर धर्म के सान्निध्य में सद्कर्म करना चाहिए। भागवत प्रचारक तेजू भाई ने बताया गुरुवार को श्रीकृष्ण-सुदामा, परीक्षित मोक्ष प्रसंग का वर्णन होगा।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मना
मलवासा - रामोला मंदिर जड़वासाखुर्द में सात दिनी भागवत कथा में बुधवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मना। पं. दीपकृष्ण शास्त्री ने श्रीकृष्ण की बाललीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा भगवान का अवतार दुष्टों के विनाश और भक्ति की रक्षा के लिए होता है। कंस के बढ़ते अत्याचार से भक्तों की रक्षा के लिए ही भगवान ने श्रीकृष्ण के रूप में जन्म लिया था।