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- जनता के लिए कुछ नहींनिगम सम्मेलन ! आरोप प्रत्यारोप में गुजर गया पहला दिन, कल फिर होगा सम्मेलन
जनता के लिए कुछ नहींनिगम सम्मेलन -!- आरोप-प्रत्यारोप में गुजर गया पहला दिन, कल फिर होगा सम्मेलन
सिटी रिपोर्टर - रतलाम
निगम सम्मेलन में गुरुवार दिनभर हंगामा चला। पक्ष-विपक्ष के पार्षद एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे। बिना निष्कर्ष के सम्मेलन शनिवार तक के स्थगित हो गया। जनहितैषी मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन निर्णय नहीं हुआ। सम्मेलन की शुरुआत हंगामे से हुई। सम्मेलन शुरू होने के साथ ही भाजपा पार्षद मोहम्मद अली ((पहलवान)) ने अधिकारियों के रवैये पर हंगामा किया। इसके बाद जवाब देने आए जलकार्य समिति प्रभारी पवन सोमानी ने निगम में भारी पुलिस व्यवस्था का विरोध किया। उन्होंने आयुक्त पर सदन की गरिमा बिगाडऩे का आरोप लगाया।
भोजन के लिए नोटिस जारी
पार्षदों को बैठक भत्ता दिया जाता है फिर भोजन का खर्च निगम क्यों उठाए? ये आपत्ति निगम के ऑडिटर ने ली थी। इसे दैनिक भास्कर ने 6 जनवरी को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। आपत्ति के कारण गुरुवार को भोजन की व्यवस्था नहीं रही। पार्षद मनोज दीक्षित ने आपत्ति लेते हुए इसे पार्षदों का अपमान बताया। सोमानी व रावत ने भास्कर की कॉपी बुलवाकर बताया निगम अधिकारी यूं तो लाखों के अनावश्यक बिल पास कर रहे हैं। खाने के मामूली बिल पर आपत्ति ली जा रही है। निगम अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर ऑडिटर व लेखा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
अघोषित अवकाश रहा
गुरुवार को निगम कार्यालय पुलिस की तगड़ी सुरक्षा में था। तलाशी के बाद मेटल डिटेक्टर से होकर अंदर गए जनप्रतिनिधियों में गुस्सा था। निगम में ये व्यवस्था पहली बार थी। काम के लिए आए लोगों को पुलिसकर्मियों ने बाहर से यह कहकर लौटा दिया कि आज छुट्टी है।
20 हजार खर्च, नतीजा कुछ नहीं
एक सम्मेलन में नगर निगम के करीब 20 हजार रुपए खर्च होते हैं। इनमें चाय-बिस्किट, माइक, स्टेशनरी का खर्च और पार्षदों का मानदेय शामिल है। भोजन होता है तो खर्च 25 हजार और बढ़ जाता। दिनभर में 20 हजार रुपए खर्च होने के बाद भी जनता के हाथ कुछ नहीं आया।
पार्षद वंदना पुरोहित ने अलकापुरी व अन्य हिस्सों में बन रही सड़कों की गुणवत्ता पर जवाब मांगा तो अफसरों की बोलती बंद हो गई। आयुक्त ने सड़कें दोबारा बनवाने का कहा। पुरोहित व बबीता नागर ने लाल पानी का मुद्दा भी उठाया।
कर्मचारी करा रहे अतिक्रमण
पार्षद सकीना मनासी व अदिति दवेसर ने कहा अतिक्रमण हटाने के नाम पर मनमानी चल रही है। अतिक्रमण खुद निगम कर्मचारी करवाते हैं। मनासी ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों के नाम लेकर कहा अतिक्रमण की शिकायत करने पर ये लोग मौके पर जाकर लोगों को पार्षद के खिलाफ भड़काते हैं। उन्होंने नाले की डीपीआर नहीं बनने पर भी आपत्ति ली। दवेसर ने जनभागीदारी के रुपए जमा करने के बाद भी सड़क नहीं बनाने का मुद्दा उठाया। कुत्तों की समस्या भी उठाई।
स्वीमिंग पूल, मांगा जवाब
पार्षद फैय्याज मंसूरी ने स्वीमिंग पूल हादसे का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा मृत बच्चे के पिता को हादसे का कारण क्यों नहीं बताया जा रहा। भाजपा व कांग्रेस पार्षद इस मुद्दे पर आयुक्त से जवाब मांगने लगे। मंसूरी ने कहा स्वीमिंग पूल में क्या खामी है, शुरू करने में जल्दबाजी क्यों की, कितने लोगों की क्षमता है और हादसे के वक्त कितने लोग थे, इनका जवाब सार्वजनिक होना चाहिए। आयुक्त ने दो दिन में जवाब देने का कहा।
गलत आंकड़े पर हंगामा
कांग्रेस पार्षद सकीना मनासी को जवाब देते हुए स्वास्थ्य समिति प्रभारी गोविंद काकानी ने प्रत्येक वार्ड में तैनात सफाई कर्मचारियों की संख्या बताई। उन्होंने बताया 795 कर्मचारी सफाई लगे हैं। कांग्रेस पार्षदों ने कहा आंकड़ा गलत है। वार्डों में कर्मचारी नहीं हैं। इसी बीच सोमानी ने कहा कर्मचारी तो एक हजार से ज्यादा हैं। काकानी ने दोहराया 795 कर्मचारी सफाई में लगे हैं। कचरा वाहन, सफाई संरक्षक, सीवर लाइन व भिश्ती भी जोड़ें तो 1141 कर्मचारी हैं।
घटिया सड़कों पर बोलती बंद
सम्मेलन में मौजूद पार्षदगण। इस स्थिति के कुछ देर बाद ही फैय्याज मंसूरी के बयान पर हंगामा हो गया