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बच्चों के बैग में एनसीईआरटी से ज्यादा निजी प्रकाशकों की बुकें

8 वर्ष पहले
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ञ्चशिक्षा विभाग के दलों ने शुरू की सीबीएसई स्कूलों की चैकिंग
ञ्च३ दिन बाद डीईओ को देंगे रिपोर्ट
सिटी रिपोर्टर - रतलाम
सीबीएसई स्कूलों में एनसीईआरटी ((नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन, रिसर्च एंड ट्रेनिंग)) के बजाय निजी प्रकाशकों की किताबें भारी तादाद में चलाई जा रही हैं। रस्म अदायगी के लिए केवल एक या दो किताबें ही एनसीईआरटी की हैं। यह खुलासा शिक्षा विभाग की जांच में हुआ। शुक्रवार से शिक्षा विभाग के दल ने स्कूलों की चैकिंग शुरू की। इसमें अधिकतर बच्चों के बैग में निजी प्रशासकों की किताबें ज्यादा निकलीं। एनसीईआरटी की किताबें दो-तीन ही थीं। दल तीन दिन बाद जिला शिक्षा अधिकारी को रिपोर्ट सौंपेंगे।
एक दल के प्रभारी शिवपुर उमा विद्यालय के प्राचार्य रामेश्वर चौहान व सहयोगी मलवासा के हाईस्कूल के प्राचार्य रामनारायण केरावत हैं। इस दल ने शुक्रवार को हिमालय इंटरनेशनल स्कूल का रुख किया। यहां तमाम जानकारियां जुटाने के साथ बच्चों के बैग चैक किए गए। सभी में निजी प्रशासकों की किताबें ज्यादा थीं। इसके बाद दल ने मारुति एकेडमी में भी जांच की। यहां भी निजी प्रशासकों की ही किताबें ज्यादा मिलीं।
दूसरे दल के प्रभारी विनोबा स्कूल के प्राचार्य सुंदरलाल गौड़ व सहयोगी एपीसी सी.एल. सालित्रा थे। दल को जिनमणि विद्या विहार में बताया फीस वृद्धि शिक्षा समिति के अनुमोदन पर ही की। दल ने रतलाम पब्लिक स्कूल में बच्चों के बैग चैक किए। यह पूछने पर कि किताबें एक ही दुकान से लाने का कहा जाता है तो बच्चों ने इनकार कर दिया।



इन बिंदुओं पर बनेगी रिपोर्ट