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राज्य स्तरीय योग प्रतियोगिता में सागर संभाग रहा सिरमौर
नगर संवाददाता - सागर
एक्सीलेंस गल्र्स डिग्री कॉलेज में बुधवार को हुई राज्य स्तरीय योग प्रतियोगिता में सागर संभाग ने बालक तथा बालिका दोनों वर्गों में जीत का परचम लहराया। इंदौर संभाग दोनों वर्गों में उपविजेता रहा।
जानकारी के अनुसार योग प्रतियोगिता में सागर, जबलपुर, रीवा, भोपाल, उज्जैन, इंदौर तथा ग्वालियर संभाग की टीमों के करीब 63 खिलाडिय़ों ने हिस्सा लिया। बालक और बालिका दोनों वर्गों में खिताबी भिड़ंत सागर और इंदौर संभाग के बीच हुई। दोनों वर्गों में सागर के खिलाडिय़ों ने जल एवं सूत्र नेती, सूर्य नमस्कार, कपालभाति सहित विभिन्न आसनों तथा क्रियाओं का जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के आगे इंदौर संभाग की टीम फीकी साबित हुई। निर्णायकों ने दोनों वर्गों में सागर संभाग की टीम को विजेता घोषित किया। इंदौर संभाग को उपविजेता के स्थान पर संतुष्ट होना पड़ा।
योग का सिर्फ इफेक्ट, दवाओं के हो सकते हैं साइड इफेक्ट :
इंसान का पहला सुख निरोगी काया है। दवाइयां खाने से साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं, लेकिन योग का सिर्फ इफेक्ट होता है। इससे स्वस्थ जीवन संभव है। यह बात डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के डीन ऑफ फेकल्टी अफेयर्स डॉ. आरएन यादव ने कही। वे बुधवार को एक्सीलेंस गल्र्स डिग्री कॉलेज में राज्य स्तरीय योग प्रतियोगिता के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ग्रामीण अंचल में भी योग के विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया। उज्जैन से आए डॉ. शरद नागर ने कहा कि युवा ऊर्जा का स्रोत हैं। ऊर्जा में क्रियात्मकता होती है। उन्होंने कहा कि आसन सुखपूर्वक एवं सहजता युक्त हों, जिसमें प्रयत्न की शिथिलता हो। योगाचार्य डॉ. विष्णु आर्य ने कहा कि मयूर आसन सहित विभिन्न आसनों से शरीर के विजातीय पदार्थ नष्ट हो जाते हैं। मानसिक तनाव से युवाओं में ऊर्जा की कमी के कारण विभिन्न बीमारियां पनप जाती हैं। इन्हें केवल योग से ही नियंत्रित किया जा सकता है। प्राचार्य डॉ. जेपीएन पाण्डेय ने योग को प्राथमिक स्तर से शामिल किए जाने पर बल दिया। योग से संकल्प शक्ति विकसित होती है। स्वामी विवेकानंद से बड़ा कोई योगी नहीं है। हम योग साधना से अपने को ऊर्जावान करते हैं। योग विधा को और भी लोग अपनाएं तथा इसे प्रचारित-प्रसारित करें। डॉ. केएस पित्रे ने योग को भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग बताते हुए योग के वैज्ञानिक पक्ष पर प्रकाश डाला। डॉ. पीपी सिंह ने कहा कि आज सुखमय जीवन और स्वास्थ्य के लिए योग का विशेष महत्व है। योग की कॉमर्शियल वैल्यू भी बढ़ी है। इस मौके पर क्रीड़ा अधिकारी एवं अपर संगठन सचिव डॉ. मोनिका हर्डीकर, डॉ. इला तिवारी, डॉ. अलका पुष्पा निशा, योगाचार्य बद्रीप्रसाद सोनी सहित कॉलेज स्टाफ तथा छात्राएं उपस्थित थीं।
यह रहे निर्णायक
इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में डॉ. शरद नागर, डॉ. नितिन कोरपाल, डॉ. सुभाष हर्डीकर, डॉ. तारिका शुक्ला, डॉ. महेंद्र बाथम तथा डॉ. अनिल बघेल ने निर्णायक की भूमिका निभाई।