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कमिश्नर ने टीकमगढ़ जनपद सीईओ को सस्पैंड किया
नगर संवाददाता. सागर
शासन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने पर कमिश्नर राजकुमार माथुर ने टीकमगढ़ जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ((सीईओ)) उदयराज सिंह को सस्पैंड कर दिया है। इससे पहले माथुर ने महात्मा गांधी रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत चल रहे कामों में अनियमितता बरतने पर छतरपुर व टीकमगढ़ के एक सहायक यंत्री वीके खरे व एक उपयंत्री वीआर चौरसिया को सस्पैंड किया था। इन बड़ी कार्रवाइयों के अलावा उन्होंने शिक्षा एवं कृषि विभाग के 22 कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश की भी अनुशंसा की। कमिश्नर ने यह सारी कार्रवाई छतरपुर-टीकमगढ़ के दो दिनी दौरे के दौरान की। कमिश्नर कार्यालय के मुताबिक सीईओ सिंह से टीकमगढ जनपद पंचायत हुए कार्यों की जानकारी ली गई, तो उनके पास कोई जवाब नहीं था। उनसे पूछा गया कि उनकी जनपद में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का लक्ष्य कितना है। उसके विरुद्ध कितनी उपलब्धियां हैं। वह इन सवालों का जवाब भी नहीं दे पाए। इसके साथ ही उन्हें अपने जनपद क्षेत्र में विभिन्न सरकारी योजनाओं की वर्तमान स्थिति की भी स्पष्ट जानकारी नहीं थी। निलंबन के बाद सीईओ का मुख्यालय जिला पंचायत कार्यालय टीकमगढ़ रहेगा।
इससे पहले किया था सहायक यंत्री व उपयंत्री को सस्पैंड : समीक्षा के दौरान कमिश्नर माथुर ने छतरपुर के बिजावर ब्लॉक में पदस्थ सहायक यंत्री वीके खरे को सस्पैंड किया था। खरे पर आरोप था कि उन्होंने कपिलधारा के करीब 200 कूप पूर्ण होने के बावजूद संबंधित किसानों को पूर्णता प्रमाण-पत्र ((सीसी)) जारी नहीं किया था। इसके अलावा वह अपनी अन्य कार्यालयीन जिम्मेदारियों में रुचि नहीं ले रहे थे। इसी तरह बकस्वाहा जनपद के उपयंत्री चौरसिया को भी सस्पेंड किया गया था।
शिक्षा और कृषि विभाग के 22 कर्मचारी गैर-हाजिर थे : कमिश्नर ने इसी दौरान जिला शिक्षाधिकारी एवं उप संचालक कृषि के कार्यालय का भी औचक निरीक्षण किया। वहां उन्हें 22 कर्मचारी गैर-हाजिर मिले। कमिश्नर ने एडीएम को निर्देश दिए कि वह इन सभी कर्मचारियों को इस आशय का कारण बताओ नोटिस जारी करे कि अनुपस्थित रहने पर उनका एक दिन का वेतन क्यों नहीं काटा जाए। कमिश्नर ने एडीएम से नदारद कर्मचारियों से 24 जनवरी तक जवाब लेने के लिए कहा है।