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डॉ. संतोष राय द्वारा गले के 2 किलो के ट्यूमर का सफल ऑपरेशन
सागर। झागरी ((गढ़ाकोटा)) निवासी प्यारी बाई पिछले 20 वर्षों से गले में थायराइड का ट्यूमर जो करीब 2 कि.ग्रा. का हो चुका था, मरीज की जिंदगी पूर्णत: अस्त व्यस्त हो चुकी थी। नागपुर, भोपाल जैसे बड़े शहरों में भी सीरियस केस की वजह से ऑपरेशन से मना कर दिया गया था।डॉ. संतोष राय ((भाग्योदय अस्पताल)) द्वारा 2 कि.ग्राम का ट्यूमर ऑपरेशन द्वारा निकाल कर प्यारी बाई को पूर्णत: स्वस्थ किया गया। डॉ. राय ने इस विषय में बताया कि यह बेहद पेचीदा केस था। ऑपरेशन के पूर्व मरीज के दिल की धड़कन अनियमित चलना, वजन कम होना, भूख प्यास व नींद में कमी, भोजन व सांस लेने में तकलीफ आदि परेशानियां थी। ऑपरेशन के दौरान भी इतने बड़े ट्यूमर की वजह से गले की नसें, खून की नस, सांस की नली, आवाज वाली नसे आदि सभी अव्यवस्थित हो जाती है। ऑपरेशन के दौरान अत्याधिक रक्तस्त्राव, बोलने की क्षमता चले जाना एवं अन्य बहुत सी समस्याएं हो सकती है। ऑपरेशन के पश्चात भी आवाज चले जाना, रक्त व स्त्राव होना, सांस लेने में तकलीफ, निमोनिया होना आदि का खतरा होने की संभावना बनी रहती है। डॉ. संतोष राय एवं निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. कविता साहू जैसे कुशल एवं सुपरस्पेश्यलिटी डॉक्टर्स के प्रयासों से 2 कि.ग्रा. के ट्यूमर को निकालकर प्यारी बाई को पूर्णत: स्वस्थ कर दिया गया है। भाग्योदय तीर्थ अस्पताल एवं समस्त डाक्टर्स ने डॉ. राय को इस पेचीदा ऑपरेशन की सफलता पर बधाई दी है।
ऑपरेशन के पूर्व एवं पश्चात प्यारी बाई
नये साल में छात्रों को दिया नौकरी का उपहार
सागर। स्वामी विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने दिनांक 20.1.14 को छात्रों के लिए ्र्र्यत्र त्रह्म्शह्वश्च से आए एचआर प्रतिनिधियों ने एसवीएनआईटी में क्लोज कैंपस का आयोजन किया, जिसमें बच्चों की प्रतिभा परखने के लिए एक लिखित परीक्षा आयोजित की गई। इसमें श्वष्ट/ष्टस्/ढ्ढञ्ज के लगभग 120 छात्रों ने भाग लिया। लििात परीक्षा में 83 - छात्र सफल हुए जिनका कंपनी से आए एचआर प्रतिनिधियों ने टेक्निकल राउंड एवं पर्सनल इंटरव्यू लिया। 1८ विद्यार्थियों का चयन 6.25 लाख वार्षिक पैकेज पर किया। कैंपस में ्र्र्यत्र त्रह्म्शह्वश्च के एचआर मैनेजर मयंक व्यास ने छात्रों के इंटरव्यू एवं लिखित परीक्षा ली। मयंक व्यास स्ङ्कहृद्बह्ल के 2012 बैच के ष्टस् ब्रांच के पासाउट छात्र रहे हैं। उन्होंने वार्ता के दौरान कहा कि ्र्र्यत्र त्रह्म्शह्वश्च में आज वो जिस पॉजिशन पर हैं, उसका पूरा श्रेय स्ङ्कहृद्बह्ल द्वारा दी गई शिक्षा एवं प्रदान किए गए अवसरों को जाता है। कंपनी से आए अन्य प्रतिनिधियों ने कहा कि स्ङ्कहृद्बह्ल के विद्यार्थियों की प्रतिभा और अनुशासन को देखते हुए हम यहां पर पुन: आए हैं और भविष्य में भी इस तरह के कैंपस आयोजित करना चाहते हैं। इस अवसर पर स्ङ्कहृद्बह्ल के चेयरमेन डॉ. अजय तिवारी ने कंपनी से आए प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया और छात्रों को संस्था के ही होनहार विद्यार्थी मयंक व्यास से प्रोत्साहित होने की सलाह दी।
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