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मोबाइल पर ठगी करने वालों का लंबा नेटवर्क, अभी भी आ रहे हैं कॉल

8 वर्ष पहले
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राजकुमार प्रजापति - सागर
मोबाइल पर ठगी करने वाले रैकेट का नेटवर्क मप्र के अलावा कई और राज्यों में फैला हुआ है। झारखंड इसका मुख्य केंद्र है। हाल ही में पुलिस झारखंड के बोकारो से मास्टर माइंड प्रवीर मुखर्जी व उसके साथी चंद्रमोहन को गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों जेल में है। तीसरा सदस्य चंदन फरार चल रहा है। जाल में फंसे लोगों से इन तीनों के बैंक एकाउंट में राशि डलवाई जा रही थी। उधर मोबाइल पर ड्रॉ के कॉल अभी भी लोगों के मोबाइल पर आ रहे हैं। कई और लोग इस रैकेट से जुड़े बताए जा रहे हैं।
ऑटो पाट्र्स की दुकान से चल रहा था रैकेट : सागर के शंकरगढ़ इलाके के सिक्युरिटी गार्ड माधव अहिरवार से 60 हजार रुपए की ठगी के मामले पद्माकर पुलिस की 5 सदस्यीय टीम हाल ही में झारखंड के बोकारो के चास इलाके से मास्टर माइंड प्रवीर मुखर्जी को उसके घर से पकड़कर लाई थी। उसे लाने में पुलिस को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उसकी गिरफ्तारी के विरोध में भीड़ ने चास थाने का घेराव कर दिया था। मामले की जांच कर रहे पद्माकर थाने के एसआई हेमंत बाबरिया के अनुसार प्रवीर व चंदन दोनों चास इलाके में रहते हैं, जबकि चंद्रमोहन यहां से करीब 10 किमी दूर सेक्टर-4 में रहता है। तीनों चंदन की ऑटो पाट्र्स की दुकान पर बैठते थे। यहीं से जालसाजी का रैकेट चल रहा था।
चंद्रमोहन का एकाउंट सीज कराया : एसआई बाबरिया ने बताया कि महीने भर पहले बोकारो से पकड़े गए चंद्रमोहन का एकाउंट सीज कराया गया है। चंद्रमोहन के एकाउंट में 1 लाख 20 हजार रुपए जमा हैं। मुंबई के एक व्यक्ति ने यह एकाउंट सीज कराया है। आशंका जताई जा रही है कि जालसाजी के तहत रुपए इस एकाउंट में डलवाए गए थे। पिछले कुछ महीनों में तीनों के अलग-अलग बैंक खातों में 5, 10 व 20 हजार रुपए के कई ट्रांजेक्शन हुए हैं। एकाउंट्स की डिटेल्स निकलवाई जा रही है।
अभी भी कॉल कर रहे हैं ठग
इस रैकेट के खुलासे के बाद पिछले तीन दिनों में कुछ ऐसे लोगों ने पद्माकर थाने पहुंचे थे, जिनके पास अभी भी मोबाइल पर ड्रॉ खुलने के कॉल आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार विनोद सिंह व चंदन नाम के व्यक्ति ने उन्हें कॉल करके 15 लाख की लॉटरी लगने का झांसा दे रहे थे, लेकिन वे उनके जाल में नहीं फंसे। पुलिस ने भी उन्हें समझाइश दी कि वे उनकी किसी भी बात पर यकीन न करें। गार्ड माधव अहिरवार को दिसंबर 2012 में ‘चेहरा देखो-फोटो पहचानों’ के इश्तहार के जरिए ठगों ने अपने जाल में फांसा था। ड्रॉ में कार खुलने का झांसा देकर उससे दो-तीन किश्तों में 60 हजार रुपए अपने एकाउंट में डलवाए लिए थे।