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सागर में खुलेगी एसटीएफ की ब्रांच, एसपी ऑफिस में मांगी जगह
राजकुमार प्रजापति . सागर
व्यापमं भर्ती घोटाले की जांच कर रही एसटीएफ ((स्पेशल टास्क फोर्स)) की सागर में भी ब्रांच खुलने जा रही है। एसपी ऑफिस में इस ब्रांच को अलग से जगह व फोर्स उपलब्ध कराने के लिए पीएचक्यू से पत्र आया है। जगह फाइनल होते ही ब्रांच शुरू हो जाएगी। एसटीएफ का मुख्यालय भोपाल में है। जबलपुर, उज्जैन, इंदौर व ग्वालियर में इसकी ब्रांचें चल रही हैं।
पीएमटी २०१२-१३, प्री-पीजी, दुग्ध संघ, खाद्य निरीक्षक, उप निरीक्षक, आरक्षक व संविदा वर्ग २ व ३ की भर्ती घोटालों की जांच का दायरा बढऩे और कार्य की अधिकता के कारण एसटीएफ ने डीएसपी, निरीक्षक व एसआई के ६६ नए पद भी मंजूर किए हैं। एसटीएफ की टीम को पीएमटी फर्जीवाड़े के सिलसिले में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज तथा पुलिस उप निरीक्षक व आरक्षक भर्ती जांच को लेकर जवाहरलाल नेहरू पुलिस अकादमी व मकरोनिया पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज आना होता है। सागर में एफएसएल में भर्ती फर्जीवाड़े से जुड़ी कुछ जांचें चल रही हैं। इन्हीं सब कारणों से सागर में ब्रांच की आवश्यकता महसूस की गई। हाल ही में एसटीएफ ने निरीक्षक हरीश दुबे को सागर एसपी ऑफिस में जगह देखने व स्टाफ की व्यवस्था करने भेजा था। वे यहां आईजी पंकज श्रीवास्तव व एसपी सचिन कुमार अतुलकर से मिले और उनसे ब्रांच के संबंध में चर्चा की।
यह होगा फायदा
सागर में एसटीएफ की ब्रांच शुरू होने से लोग संगठित अपराध के संबंध में सीधे यहां भी शिकायत कर सकेंगे। ऐसे किसी अपराध की सूचना पर आसपास के जिलों में जल्द से जल्द टीम भेजने में आसानी होगी। एमपी पुलिस के ही अधिकारी व जवान अपनी वर्किंग के अनुसार एसटीएफ में भर्ती होंगे।
आगे क्या सागर के बाद रीवा
॥ प्रदेश में एसटीएफ की दो नई ब्रांचें सागर व रीवा में प्रस्तावित हैं। जरूरत के हिसाब से पहले सागर में ब्रांच खोलने की तैयारी चल रही है। यहां के आईजी की भी ऐसी मंशा है। एसपी ऑफिस में जगह मिलते ही ब्रांच शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद रीवा में ब्रांच खोलेंगे।
- आशीष खरे, एआईजी एसटीएफ
: इसलिए हुआ एसटीएफ का गठन : मप्र एसटीएफ का गठन वर्ष 2002 में संभावित आईएसआई एजेंट, संगठित अपराधियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से किया गया था। पहले यह अपराध अनुसंधान विभाग तथा वर्ष 2007 से सितंबर 2011 तक विशेष शाखा गुप्त वार्ता के अंतर्गत कार्यशील रही। 2011 में इसे एक स्वतंत्र इकाई के रूप में स्थापित कर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसटीएफ मप्र को इकाई का मुखिया घोषित किया गया। वर्तमान में सुधीर शाही, एडीजी एसटीएफ के पद पर हैं।
आगे क्या सागर के बाद रीवा
॥ प्रदेश में एसटीएफ की दो नई ब्रांचें सागर व रीवा में प्रस्तावित हैं। जरूरत के हिसाब से पहले सागर में ब्रांच खोलने की तैयारी चल रही है। यहां के आईजी की भी ऐसी मंशा है। एसपी ऑफिस में जगह मिलते ही ब्रांच शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद रीवा में ब्रांच खोलेंगे।
- आशीष खरे, एआईजी एसटीएफ
यह होगा फायदा
सागर में एसटीएफ की ब्रांच शुरू होने से लोग संगठित अपराध के संबंध में सीधे यहां भी शिकायत कर सकेंगे। ऐसे किसी अपराध की सूचना पर आसपास के जिलों में जल्द से जल्द टीम भेजने में आसानी होगी। एमपी पुलिस के ही अधिकारी व जवान अपनी वर्किंग के अनुसार एसटीएफ में भर्ती होंगे।
: इसलिए हुआ एसटीएफ का गठन : मप्र एसटीएफ का गठन वर्ष 2002 में संभावित आईएसआई एजेंट, संगठित अपराधियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से किया गया था। पहले यह अपराध अनुसंधान विभाग तथा वर्ष 2007 से सितंबर 2011 तक विशेष शाखा गुप्त वार्ता के अंतर्गत कार्यशील रही। 2011 में इसे एक स्वतंत्र इकाई के रूप में स्थापित कर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसटीएफ मप्र को इकाई का मुखिया घोषित किया गया। वर्तमान में सुधीर शाही, एडीजी एसटीएफ के पद पर हैं।