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इधर अनाज मंडी में कारोबार शुरू, आवक कम रही

7 वर्ष पहले
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सागर कृषि उपज मंडी में व्यापारियों की हड़ताल खत्म होने के बाद मंगलवार से अनाज एवं तिलहन की खरीद-फरोख्त शुरू हुई, लेकिन आवक बेहद धीमी रही। शाम पांच बजे मंडी बंद होने तक महज तीन सौ बोरी ((14 ट्रॉली)) अनाज की खरीदी हो सकी। वजह यह थी कि अनाज एवं तिलहन के कारोबार से जुड़े व्यापारी पिछले पांच दिन से हड़ताल पर थे। सोमवार को उनकी हड़ताल समाप्त हुई। मंगलवार को सागर, खुरई, देवरी, राहतगढ़, बीना समेत जिले की सभी मंडियों में सन्नाटा टूटा। मंगलवार को व्यापारी अपनी दुकानों से उठे और बोली लगाने के लिए मंडी प्रांगण पहुंचे। सागर अनाज तिलहन व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेश साहू ने बताया कि मंगलवार से कारोबार शुरू हो गया है। अब मंडी आने वाले किसानों से उनकी उपज पिछले दिनों की तरह ही खरीदी जाएगी।
एक दो दिन बढ़ जाएगी आवक
हड़ताल समाप्त होने की जानकारी किसानों को मिल चुकी है। गुरुवार से अनाज की आवक बढ़ जाएगी। सामान्य तौर पर डेढ़ सौ से दो सौ ट्राली अनाज एवं तिलहन की आवक होती है।
- अशोक सेन, मंडी निरीक्षक



ञ्चव्यापारियों ने टोलियों में जाकर बंद कराई दुकानें

जिला औषधि विक्रेता संघ ने बंद का समर्थन किया

जिला औषधि विक्रेता संघ ने कारोबारियों के बंद का समर्थन किया है। एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से संघ ने कहा है कि इस एक्ट में बहुत सी विसंगतियां हैं। साथ ही एक बड़े समुदाय के इस एक्ट के दायरे में आने से इंस्पेक्टर राज और भ्रष्टाचार बढ़ेगा। छोटा कारोबार करने वाले, खोमचा वाले, छोटे किराना व्यापारी इस एक्ट के कारण ज्यादा प्रभावित होंगे। संघ के मुताबिक हम शासन से मांग करते हैं कि राज्य में इस एक्ट को लागू नहीं किया जाए।

कारोबारी बंद के दूसरे दिन अनाज व फल-सब्जी व्यापारियों ने खुद को इससे अलग कर लिया। शहर के थोक एवं फुटकर फल-सब्जी विक्रेता संघ के सचिव राजकुमार धामेचा ने बताया कि हम लोग मंडी एक्ट के तहत कारोबार करते हैं। इसलिए हम लोगों पर इस एक्ट का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। नतीजतन सामूहिक फैसले के तहत हम लोगों ने इस आंदोलन से खुद को फिलहाल दूर कर लिया है। यहां बता दें कि नमक मंडी में धरना दे रहे व्यापारियों ने सोमवार को ऐलान किया था कि सब्जी व्यापारी मंगलवार से फल-सब्जी व्यापारी इस बंद में शामिल हो रहे हैं।

फल-सब्जी व्यापारियों ने दूरी बनाई

बस स्टैंड के भोजनालय और जलपान गृह खुले

बस स्टैंड के अधिकांश कारोबारियों ने बंद का केवल सोमवार को ही समर्थन किया। मंगलवार को उनके प्रतिष्ठान पहले की तरह खुले। इनमें ज्यादातर भोजनालय, चाय-नाश्ता के होटल और पान की दुकानें शामिल थीं। यह सारे प्रतिष्ठान प्राइवेट और मुख्य बस स्टैंड क्षेत्र के थे, जबकि जैन हासे स्कूल की ओर के हिस्से में अधिकांश होटल और दुकानें समर्थन में बंद रहीं। बस स्टैंड की तरह शहर के गली-कूचों, गोपालगंज, मकरोनियां, रजाखेड़ी की दुकानें व होटल भी खुले रहे। यहां के व्यापारियों का कहना था कि अगर हम बंद में शामिल हो जाएंगे, तो दुकान में रखा माल खराब हो सकता है। उसका जवाबदार कौन है, वैसे भी इस बंद की कोई प्लानिंग नहीं की गई है।

हड़ताल - लाइसेंस के विरोध में व्यापारियों की हड़ताल जारी, दूसरे दिन भी बाजार में कारोबार बंद रहा