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मीटर बंद, फिर भी 25 हजार से अधिक का बिल

7 वर्ष पहले
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सागर - बारिश में मकान धराशायी होने व बिजली का मीटर कनेक्शन बंद होने के बाद भी एस्सेल कंपनी के कर्मचारियों द्वारा लगातार रिकॉर्डों में फर्जी रीडिंग दर्शाकर बिल जनरेट किया जा रहा है। इतना ही नहीं उपभोक्ता को सितंबर माह का 25 हजार बकाया का बिल थमा दिया गया। उपभोक्ता द्वारा कई बार शिकायत करने व नोटिस देने के बाद भी अभी तक बिल का सुधार नहीं किया गया। बड़ा बाजार क्षेत्र में लुहार वाली गली के बाजू में चैत्यालय ट्रस्ट मार्केट में राजकुमार सोनी की सराफा की दुकान थी। यह मार्केट पिछले 9 अगस्त 2013 को धराशायी हो गया था। भवन में जितनी भी दुकानें थी, उनकी लाइनें टूट गई थीं और मीटर अलग कर दिए गए थे। इसकी सूचना राजकुमार द्वारा एस्सेल कंपनी की संबंधित शाखा में भी दी गई थी। जब भवन गिरा उस समय मीटर में 179 यूनिट कुल खपत प्रदर्शित हो रही थी। सितंबर माह में इस कनेक्शन का कुल बिल 717 रुपए दिया गया था, जो उन्होंने नहीं भरा था। अक्टूबर में उन्हें जो बिल दिया गया उसमें अप्रैल से अगस्त माह तक हर माह 50 यूनिट तथा सितंबर माह में वाचन रीडिंग 179 एवं खपत 3378 यूनिट अंकित कर वर्तमान बिल तथा पिछला बकाया जोड़कर 25,148 रुपए तथा नवंबर माह में 25,457 रुपए का बिल थमा दिया गया।



बड़ा बाजार क्षेत्र में सत्यनारायण की घाटी पर बिजली कंपनी के ठेकेदार द्वारा की जा रही केबलिंग के बाद शाम को जैसे ही बिजली सप्लाई चालू की गई, कई घरों में बिजली के उपकरण जल गए।

गांधी चौक वार्ड निवासी मनोज अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार को दिन भर क्षेत्र की लाइट बंद थी। बिजली कर्मचारी लाइन बदल कर केबल डाल रहे थे। शाम करीब छह बजे बिजली सप्लाई शुरू की थी।

भगवानदास अग्रवाल ने बताया कि बिजली कर्मचारियों ने खंभे के पास से जैसे ही तार हिलाए उनके घरों में टीवी आदि जल गए। राकेश अग्रवाल के अनुसार उनके घर की टीवी, सीएफएल, संतोष अग्रवाल व महेश सोनी के घर की ट्यूब लाइट व सीएफएल जल गए।

नितिन भट्ट के अनुसार दुर्गा मंदिर परिसर में लगी सारी सीएफएल एक झटके के साथ बंद हो गई। कर्मचारियों का कहना था कि न्यूट्रल में कुछ गड़बड़ी के कारण लाइन में वोल्टेज की समस्या हुई है।

एस्सेल के मीडिया प्रभारी रवि कुमार शुक्ला के अनुसार मामले में कहां गड़बड़ी हुई है उसकी जांच कराई जा रही है। जिस भी कर्मचारी की गलती होगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि प्राथमिक तौर पर अप्रैल माह में जो पुराना मीटर निकाला गया था, उसमें बिल की अपेक्षा 3199 यूनिट ज्यादा खपत थी। मामले का निराकरण करा रहे हैं।