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अस्पताल में आपातकालीन ओपीडी 24 घंटे खुली रहेगी

7 वर्ष पहले
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नगर संवाददाता - सागर
स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर बनाने राज्य शासन ने विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं के कार्यों का समय निर्धारित किया है। इसे देखते हुए कलेक्टर योगेन्द्र शर्मा ने जिले के सभी सिविल अस्पतालों में शासन के निर्देशानुसार स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध कराने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। इस व्यवस्था में संस्था प्रमुख, संस्था में उपलब्ध डॉक्टरों की संख्या, सामान्य ओपीडी, आपातकालीन ओपीडी में आ रहे रोगियों की संख्या के आधार पर ड्यूटी व्यवस्था में स्थानीय आवश्कतानुसार आंशिक परिवर्तन कर सकेंगे।
अब यह रहेगा समय


अवकाश में - सप्ताह में यदि दो दिन का निरंतर शासकीय अवकाश होता है तो उसमें से द्वितीय अवकाश के दिन नियमित ओपीडी सुबह 9 से 11 बजे तक खुली रहेगी। अस्पतालों में लगातार दो दिन नियमित ओपीडी बंद नहीं रहेगी ।
रविवार को - रविवार एवं अन्य शासकीय अवकाश के दिनों में जिला एवं सिविल अस्पतालों में आपताकालीन ओपीडी 24 घंटे खुली रहेगी। सभी विशेषज्ञ एवं डॉक्टर सुबह 9 से 11 बजे तक अपने वार्डों में राउंड लेंगे।
आपातकालीन सेवाएं - जिला अस्पताल एवं सिविल अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध कराई जाएंगी। इन अस्पतालों में डॉक्टरों की ड्यूटी व्यवस्था तीन शिफ्ट में होगी। ञ्च सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक। ञ्च दोपहर 2 से रात 8 बजे तक। ञ्च रात 8 से सुबह 8 बजे तक।
ञ्च 400 से अधिक बेड वाले अस्पतालों में आपातकालीन ड्यूटी के लिए 2-2 डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाए ।
ञ्च 200 से 400 बेड वाले अस्पतालों में सुबह एवं दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक की आपातकालीन सेवाओं के लिए 1-1 डॉक्टर एवं रात 8 से सुबह 8 बजे तक आपातकालीन सेवाओं के लिए 2 डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाए।
ञ्च 200 से कम बेड वाले अस्पतालों में प्रति पाली 1-1 डॉक्टर की ड्यूटी लगाई जाए।



मेटरनिटी - मेटरनिटी विंग में भी इन अस्पतालों में ‘राउंड द क्लॉक ड्यूटी’ उपरोक्तानुसार लगाई जाए। इसमें पीजीएमओ ((स्त्री रोग, शिशु रोग)) एवं महिला डॉक्टर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाए। यदि इन चिकित्सा अधिकारियों की संख्या 3 से कम हो तो स्त्री रोग विशेषज्ञों जो कनिष्ठ हों, की सेवायें ली जाएं। यदि स्त्री रोग विशेषज्ञ को मिला कर संख्या 3 हो तो उनकी रात्रिकालीन ड्यूटी रोटेशन में लगाई जाए। इससे कम संख्या होने पर उनकी कॉल ड्यूटी रोटेशन में लगाई जाए।

एसएनसीयू - एसएनसीयू में ‘राउण्ड द क्लॉक शिफ्ट डयूटी’ के लिए जिला अस्पतालों के अधीन शिशु रोग विशेषज्ञों के 4 पद स्वीकृत हैं। इन पदों के विरुद्ध पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ एवं एसएनसीयू में पदस्थ सभी डॉक्टर अनिवार्य शिफ्ट डयूटी करेंगे।

स्वास्थ्य केंद्र - अन्य अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता के अनुसार कॉल डयूटी लगाई जाए। इन अस्पतालों में उपलब्ध डॉक्टरों की इसके लिए रोस्टर बना कर ड्यूटी लगाई जाए।

विशेषज्ञ डॉक्टर - विशेषज्ञ डॉक्टर सामान्यत: ऑन कॉल ड्यूटी करेंगे। चिकित्सा अधिकारी जिला एवं सिविल अस्पतालों में आपातकालीन चिकित्सा कक्ष में रह कर ड्यूटी करेंगे । अत्यावश्यक होने पर सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, कनिष्ठता क्रम में विशेषज्ञों की ड्यूटी लगा सकते है ।

जांच - अस्पतालों में परीक्षण जांच ((पैथोलॉजी,एक्सरे एवं बायोकेमिकल)) विभाग सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक एवं सायंकाल 5 से 6 बजे तक खुला रहेगा। शेष समय में आकस्मिक जांच करने टेक्नीशियन डयूटी पर रहेंगे व डॉक्टर ऑन कॉल रहेंगे। जहां तीन से कम लेब टेक्नीशियन पदस्थ हैं वहां उनकी रोटेशन में कॉल ड्यूटी लगाई जाए । सैंपल्स लगातार लिये जाएंगे एवं 11 बजे तक लिए गए सैंपल्स की रिपोर्ट उसी दिन 12 बजे तक तथा 11 से 1 बजे के बीच लिए गए सैंपल्स की रिपोर्ट उसी दिन शाम 5 से 6 बजे के बीच दी जायेगी । शाम ओपीडी में लिखी गई जांचों के सैंपल्स उसी दिन लिए जाएंगे एवं उसकी रिपोर्ट अगले दिन सुबह 8 से 10.30 बजे के बीच उपलब्ध करा दी जाएगी।