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अनाथ आश्रम में सात फेरे लेकर दांपत्य जीवन की शुरुआत

7 वर्ष पहले
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नगर संवाददाता - सागर
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अग्नि को साक्षी मानकर जब रेशमा ने अपने हमसफर राहुल के साथ सात फेरे लिए तो उसकी आखें नम हो आईं। यह आंसू खुशी के साथ ही, अपनों से बिछडऩे के भी थे। ऐसे परिवार से जिसने उसे न सिर्फ पाला-पोसा बल्कि पहचान भी दी, उससे अब वह विदा ले रही थी। गुरुवार को रजाखेड़ी स्थित संजीवनी बाल आश्रम ((अनाथ आश्रम)) में कुछ इसी प्रकार का नजारा दिखा। रेशमा 4 साल की उम्र में आश्रम में आई थी, यहीं पली-बढ़ी। अभी उसकी उम्र 20 साल है। इसकी बड़ी बहन भी आश्रम में ही रही, उसकी शादी इंदौर में हुई। वह भी अपनी बहन को विदाई देने आई थी। इससे पहले गाजे-बाजे के साथ बारात आश्रम पहुंची। घोड़े पर सवार दूल्हे को लेकर उनके परिजन, रिश्तेदार एवं मित्र झूमते-नाचते यहां पहुंचे। वधु पक्ष यानी कि आश्रम परिवार द्वारा बारात की आगवानी की गई। सभी वैवाहिक रस्में निभाई गईं। वधु पक्ष द्वारा बारातियों के भोजन, स्वागत की व्यवस्था भी की गई। विदाई के दौरान मौजूद सभी लोगों की आखें डबडबा आईं। आश्रम परिवार के सदस्यों और यहां रहने वाले करीब 50 बच्चों ने अपनी बहन को विदाई दी। विदाई के समय लड़की रोती हुई अपनी छोटी मां यानी आश्रम संचालिका प्रतिभा अरजरिया से लिपटकर कहती है छोटी मां हम जा रहे हैं, यहां इतना स्नेह, दुलार मिला, जिसे मैं अपनी अंतिम सांस तक याद रखूंगी। अब कब बुलाओगी? आश्रम में ही पले-बढ़े गौरव से कहती है भैया छोटी मां से पूछकर जल्दी लेने आना मुझे। लड़की के इस प्रकार के हृदय स्पर्शी सुनकर सभी एक दम से शांत हो गए।
अब तक 14 विवाह
आश्रम की संचालिका प्रतिभा अरजरिया ने बताया कि आश्रम की स्थापना से लेकर अब तक 14 लड़कियों के ब्याह कराए जा चुके हैं। 25 जनवरी को भी एक विवाह हुआ था। लोगों के सहयोग से इस प्रकार के आयोजन अच्छे से हो जाते हैं। सीमा ठाकुर, राजकुमार ठाकुर, पीएस पंत, कुसुम श्रीवास्तव, रीना वसु, रिक्की शर्मा, डॉ. अशोक सिंघई, इंदुप्रभा हजारी, संतोष तिवारी, डॉ. अर्चना पांडे, सुषमा जैन, आशा जैन आदि ने उपहार सामग्री भेंट कर विवाह में मदद की। 25 जनवरी को हुए विवाह में कन्यादान पूजा अरजरिया एवं विश्व आभा अग्रवाल ने किया। विवाह में पूर्व में आश्रम की विवाहित सभी 12 लड़कियां और दामाद भी शामिल हुए। आश्रम द्वारा उनकी भी परंपरानुसार विदाई की गई।