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बीएमसी में जूनियर छात्रों से मारपीट, दो दर्जन छात्रों ने हॉस्टल छोड़ा
नगर संवाददाता - सागर
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर छात्रों से मारपीट का मामला सामने आया है। सोमवार रात से 2013 बैच के करीब 25 छात्रों के कमरों में ताले पड़े हैं। ये सभी छात्र कॉलेज में कक्षाओं में भी नहीं पहुंचे। इतना सब होने के बाद भी कॉलेज प्रबंधन इस मामले से अनभिज्ञ बना हुआ है।
बीएमसी के बॉयज छात्रावास में प्रथम तल पर प्रथम वर्ष 2013 बैच के छात्र रहते हैं। सोमवार रात से इस बैच के दो दर्जन से अधिक छात्र अचानक हॉस्टल छोड़कर चले गए। सभी छात्र सागर से बाहर के बताए जा रहे हैं। इस तरह एकाएक छात्रावास छोड़कर जाने के पीछे सीनियर छात्रों द्वारा इनके साथ बेरहमी से मारपीट करना बताया जा रहा है।
जानकारी अनुसार सोमवार रात हॉस्टल में किसी बात को लेकर 2012 बैच के सीनियर छात्र व 2013 बैच के जूनियर छात्रों के बीच झगड़ा हो गया था। इसके बाद सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्रों के साथ जमकर मारपीट कर दी। पीडि़त छात्रों ने फोन पर बताया कि कई छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं। घटना से दहशत में आए जूनियर छात्र रात में ही छात्रावास छोड़कर अपने घर चले गए। कुछ छात्रों का निजी क्लीनिकों में इलाज भी कराया गया है। इस मामले में हॉस्टल प्रबंधन और कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारी अनभिज्ञता जता रहे थे। बाद में जब हॉस्टल में पूछताछ की गई, तो मामला सामने आया।
दूसरी ओर पीडि़त छात्रों और उनके परिजनों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से सीनियर छात्र, जूनियर छात्रों से आए दिन रैगिंग के नाम पर मारपीट करते रहे हैं। छात्रों ने हॉस्टल छोडऩे से पहले अधिकारियों को फोन पर सूचना भी दी थी। मंगलवार को भी प्रथम वर्ष के छात्र कक्षाओं में नहीं पहुंचे, तो इसकी जानकारी हॉस्टल प्रबंधन व कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई है। मामले में एक और नई कहानी बताई जा रही है। इसमें जूनियर छात्रों द्वारा मिलकर एक सीनियर की पिटाई करने और बाद में खुद की पिटाई के डर से हॉस्टल छोड़कर चले जाने की बात बताई जा रही है।
पहले भी हुई थी मारपीट
करीब तीन महीने पहले भी 2013 बैच के छात्रों के साथ 2012 बैच के सीनियर छात्रों ने रात में लाइन में खड़ा कर मारपीट की थी। इसमें एक छात्र के कान का पर्दा फट गया था। सीनियर छात्रों के भय के कारण उस समय जूनियर छात्रों ने इसकी शिकायत नहीं की थी। वहीं मामले की गंभीरता समझते हुए सीनियर छात्रों ने स्वयं के खर्चे पर पीडि़त छात्र का इलाज कराया था।
छात्रों से संपर्क किया जा रहा है
प्रथम वर्ष के छात्रों के कक्षाओं में न पहुंचने की जानकारी मिली थी। कुछ छात्र तो छुट्टी लेकर गए हैं। कुछ के कमरों में ताले डले हैं। छात्रों से संपर्क भी किया जा रहा है। हालांकि रैगिंग जैसी कोई बात सामने नहीं आई। कॉलेज के कुछ छात्र आपस में झगड़े की बात कह रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए पड़ताल की जा रही है।
- डॉ. एसपी सिंह, सहायक वार्डन, बीएमसी, सागर
मुझे शिकायत नहीं मिली
सीनियर व जूनियर छात्रों के बीच मारपीट या रैगिंग जैसी कोई भी शिकायत नहीं आई है। छात्र हॉस्टल में नहीं हैं और कक्षाओं में भी नहीं पहुंच रहे हैं। इस मामले में संबंधित अधिकारियों से पूछताछ कर रहे हैं। मामला गंभीर है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।
- डॉ. आरएस वर्मा, प्रभारी डीन, बीएमसी, सागर