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डाउनलोड करेंसागर। जिला पंचायत की परियोजना अधिकारी डॉ. सारिका सिंह के इकलौते बेटे शौर्य की हत्या रुपए व एटीएम छीनने के उद्देश्य से उसी के दोस्तों ने की थी। पुलिस अधीक्षक सचिन कुमार अतुलकर ने गुरुवार को इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक के पड़ोस में ही काम करने वाला शरद यादव हत्याकांड का मास्टर माइंड था।
उसने अपने साथी नारायण रैकवार व चचेरे भाई कपिल यादव के साथ मिलकर शौर्य के घर में घुसने की प्लानिंग की थी, जिसके तहत वे 25 जनवरी की शाम शौर्य के साथ उसी की ऑल्टो कार से घूमने गए और देर रात लौटे थे। इसके बाद मकान के पोर्च में उनके बीच विवाद हो गया। आरोपियों ने गला दबाकर शौर्य की हत्या कर दी। वहीं नीचे वाले कमरे में मौजूद ड्राइवर साबिर पठान से भी मारपीट की।
एसपी के अनुसार आरोपी शरद यादव मनोरमा कॉलोनी में आबकारी कंपनी के मैनेजर विजय कुमार के यहां काम करता था। उसे पता था कि पड़ोसी सारिका सिंह मकान में अकेली रहती हैं। आरोपी की शौर्य के जरिए उसके मकान में घुसकर रुपए व एटीएम पर हाथ साफ करने की योजना थी। इसी उद्देश्य को लेकर उसने शौर्य से मेल मुलाकात बढ़ा दी। शरद ने अपने चचेरे भाई कपिल व नारायण से भी उसे मिलवाया। उनके बीच अच्छी दोस्ती हो गई।
शरद के ही कहने पर 25 जनवरी की शाम शौर्य अपनी ऑल्टो कार ((क्रमांक एमपी 05 एसी 0929)) से उनके साथ घूमने गया। चारों रात करीब 11 बजे घर लौटे थे। उनके बीच मकान के पोर्च में काफी देर तक बहस होती रही। वे शौर्य को डरा-धमकाकर अंदर घुसने की फिराक में थे। शौर्य के विरोध करने पर उसका गला घोंट दिया। उससे एटीएम कार्ड व मोबाइल छीन लिया।
इसी दौरान नीचे वाले कमरे में मौजूद साबिर बाहर आया, तो उसके गले में मफलर डालकर उसे मारने की कोशिश की। वह बेहोश हो गया। यहां से आरोपी जब पहली मंजिल पर गए तो मां सारिका सिंह ने उन्हें देखकर अंदर से दरवाजे बंद कर लिए । उनके चीखने-चिल्लाने पर आरोपी ऑल्टो कार से भाग निकले।
ऐसे मिला सुराग : पुलिस को पता चला कि वारदात की शाम शौर्य , शरद यादव के साथ देखा गया है। पुलिस ने उसे घर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने कपिल व नारायण के साथ मिलकर वारदात कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने फोरलेन के पास से ऑल्टो कार, कपिल से मृतक का मोबाइल तथा नारायण से एटीएम जब्त किया। एटीएम सारिका सिंह के नाम पर था, जो कि आरोपियों ने शौर्य से छीना था। गोपालगंज पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 458, 302, 323, 34 के तहत केस दर्ज किया है।
विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं शरद के पिता : पुलिस के अनुसार आरोपी 26 वर्षीय शरद के पिता दिलीप यादव डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं। शरद व कपिल दोनों सिविल लाइंस थानातंर्गत पथरिया रैयतवारी तथा नारायण भीतर बाजार इलाके में रहता है। आरोपी नारायण मूलत: रहली के पंडरीनाथ मंदिर के पास का रहने वाला है। आरोपी बेरोजगार थे। पुलिस को उनके पूर्व के किसी आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी नहीं है।
टीम को पुरस्कार की घोषणा : एसपी ने हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को पुरस्कार देने की घोषणा की है। आरोपियों को पकडऩे वाली टीम और सहयोग करने वालों में निरीक्षक धमेंद्र सिंह, एसआई हरिनाथ मिश्रा, एसआई कमल सिंह निगवाल, एएसआई जब्बार खान, प्रधान आरक्षक रामगोपाल शुक्ला, प्रधान आरक्षक अवध बिहारी, आरक्षक राजपाल, ब्रजेश, प्रमोद, रत्नेश व अभिषेक आदि शामिल थे।
खुलासा - 25 जनवरी की शाम शौर्य के साथ उसी की ऑल्टो कार से घूमने गए थे आरोपी, देर रात लौटकर की वारदात
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