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जिला अस्पताल का 2.12 करोड़ से होगा कायाकल्प

8 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता. उज्जैन
जिला अस्पताल की बिल्डिंग के कायाकल्प के लिए राज्य सरकार को 2.12 करोड़ रुपए की योजना भेजी गई है। कलेक्टर बीएम शर्मा स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखेंगे तथा मुख्यमंत्री से चर्चा कर योजना की मंजूरी कराएंगे। बारिश के पहले बिल्डिंग का कायाकल्प हो जाने की उम्मीद है।
कलेक्टर ने शनिवार को बृहस्पति भवन में रोकस कार्य समिति की बैठक में समीक्षा के दौरान पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई गई कायाकल्प योजना के बारे में पूछा। अधिकारियों ने बताया योजना सरकार को भेजी है, उसकी मंजूरी नहीं मिली है। रोकस सदस्य राजेश बोराना ने बताया अस्पताल भवन की हालत खराब होने से जब-तब प्लास्टर गिर जाता है, बारिश में छत टपकती है। भवन का नवीनीकरण होना जरूरी है। कलेक्टर ने सिविल सर्जन जीडी शर्मा को निर्देश दिए कि कलेक्टर की ओर से डीओ प्रमुख सचिव को भेजा जाए। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के उज्जैन आगमन पर चर्चा कर योजना मंजूर कराई जाएगी।
कलेक्टर के सवाल, निरुत्तर अधिकारी
कलेक्टर के सवालों पर अधिकारी निरुत्तर नजर आए। कलेक्टर ने रोकस की आय-व्यय की समीक्षा करते हुए रोकस से अस्पताल के कई ऐसे कामों पर लाखों रु. खर्च होने पर सवाल खड़े किए, जिसके लिए अन्य मदों से भी अस्पताल को सरकार पैसा देती है। कलेक्टर का कहना था कि जब दूसरी मदों से पैसा मिलता है तो रोकस से क्यों खर्च किया जाता है। अधिकारियों ने कहा कई छोटे-मोटे खर्च होते हैं जो रोकस से पैसा लेकर कराए जाते हैं। कलेक्टर ने कहा छोटे काम की परिभाषा क्या, 5 हजार का काम भी छोटा हो सकता है और 5 लाख का भी। कलेक्टर ने यह भी सवाल किया कि सिविल सर्जन को रोकस से कितना पैसा बिना मंजूरी खर्च करने का अधिकार है, लेकिन इसका किसी अधिकारी के पास जवाब नहीं था। कलेक्टर ने अधिकारियों से मरीजों और प्रसूताओं को दिए जाने वाले नाश्ते व भोजन बनाने की व्यवस्था और मीनू की जानकारी भी ली। बैठक में सीएमएचओ रंजना बघेल, आरएमओ डॉ. रवींद्र श्रीवास्तव, डॉ. सीएम पौराणिक, डॉ. सुनीता परमार, डॉ. संध्या पंचोली भी मौजूद थीं।
ड्राइवरों को 3000 रु. वेतन, कैंटीन का ठेका होगा
कलेक्टर ने रोकस के माध्यम से रखे गए 4 वाहन चालकों का वेतन 2700 रु. से बढ़ाकर 3000 रु. करने और प्रसूतिगृह की कैंटीन का टेंडर निकालने के निर्देश दिए। वर्तमान ठेकेदार की 31 जुलाई तक समय सीमा बढ़ाई जाएगी। 1 अगस्त से नए टेंडर के हिसाब से केंटीन चलाई जाएगी। सिक्युरिटी का नया ठेका 1 अप्रैल से लागू होगा। वाहन स्टैंड संचालक को रात में भी स्टैंड चालू रखने की अनुमति दी जाएगी। डॉक्टर्स को आपातकालीन ड्यूटी के लिए घर से लाने ले जाने के लिए एक अतिरिक्त वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। रोकस के कामों के लिए एक कम्प्यूटर ऑपरेटर भी रखेंगे।
मरीजों को फायदा : सिटी स्कैन की सुविधा
कलेक्टर ने अस्पताल में सिटी स्कैन सुविधा नहीं होने पर आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कई छोटे शहरों के अस्पतालों में ये सुविधा है। उन्होंने सिविल सर्जन से यह सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके लिए सरकारी योजना या रोकस के माध्यम से प्रयास किए जाएंगे।




सीवर लाइन 15 मार्च तक पूर्ण

बैठक में पीएचई के कार्यपालन यंत्री आरके श्रीवास्तव को कलेक्टर ने सीवर लाइन का काम जल्दी पूरा करने के निर्देश दिए। श्रीवास्तव ने कहा 15 मार्च तक काम पूरा हो जाएगा। इसके पहले इस काम के चलते अस्पताल परिसर में हो रही अव्यवस्था भी ठीक की जाएगी।

बैठक के बाद डॉक्टर्स ने कलेक्टर को गणतंत्र बेल्ट बांधा।