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निगम की कमाई पर एमआईसी गंभीर

8 वर्ष पहले
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उज्जैन। नगर निगम महापौर परिषद में वर्ष 2014-15 के बजट पर चर्चा का सिलसिला शनिवार से शुरू हो गया। पांच भागों में बनाए गए बजट के पहले व दूसरे हिस्से में पूंजीगत और राजस्व आय पर चर्चा हुई। इस दौरान महापौर रामेश्वर अखंड ने उपायुक्त एसएन मिश्रा पर जानकारी उपलब्ध नहीं करा पाने पर नाराजगी जताई तो उपायुक्त एकता जायसवाल को एमआईसी सदस्य स्वास्थ्य पदाधिकारी की जिम्मेदारी लेने के लिए मनाते रहे।

सदस्यों का कहना था कि जायसवाल दबंगता से यह विभाग संभाल सकती हैं। बैठक में आयुक्त विवेक श्रोत्रिय ने निगम के हित में अनेक सुझाव दिए और आय बढ़ाने के उपाय करने पर जोर दिया। शहर में सिंहस्थ और अन्य विकास कार्यों को लेकर भी चर्चा की गई।

सिटी बसों से आय बढ़ाएंगे
सिटी बस की उपनगरीय व इंटरसिटी सेवाएं शुरू की जाएंगी। बैठक में सिटी बस को लेकर माहौल बदला लगा। राज्य सरकार द्वारा 10 करोड़ रु. का नया प्रस्ताव तैयार करने से सिटी बस को लेकर महापौर परिषद का नजरिया बदल रहा है। बैठक में सिटी बस की उप नगरीय सेवा जल्द शुरू करने और इंटरसिटी बस सेवा की तैयारी करने पर चर्चा हुई। उज्जैन से ओंकारेश्वर, भोपाल आदि शहरों तक बस सेवा शुरू करने की मंशा जताई गई। बजट बैठक अब 29 जनवरी से फिर शुरू होगी।


कमाई के उपायों पर मंथन

> संपत्तिकर वसूली बढ़ाने के लिए विवरणियों की जांच कराएंगे।

> निगम संपत्तियों ((उद्यान, भवन आदि)) से होने वाली आय बढ़ाने का प्रावधान होगा।

> निगम की दुकानों व भवनों के किराए में बढ़ोतरी, खाली दुकानों का आवंटन।

> लीज की जमीनों का सर्वे कराया जाएगा।

> मोबाइल टॉवर वाले भवनों की छतों का व्यावसायिक संपत्तिकर लेंगे।

> महाकाल क्षेत्र में बने गेस्टहाऊसों से व्यावसायिक कर वसूली होगी।

> राज्य व केंद्र सरकार के अनुदान बढ़ाने के प्रस्ताव किए जाएंगे।

> अवैध कॉलोनियों व गृह निर्माण मंडल तथा प्राधिकरण की कॉलोनियों की बकाया वसूली होगी।