मंडी हड़ताल खत्म, आज से लगेगी बोली
20 से 27 जनवरी तक चली हड़ताल में उज्जैन मंडी में करीब 10 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। हड़ताल के दौरान मंडी व्यापारियों ने किसानों की लाई उपज की खरीदी पूरी तरह से बंद कर दी थी। हड़ताल के पहले दिन किसान उपज लेकर आए थे और लौट गए थे। व्यापारियों द्वारा हड़ताल खत्म करने की घोषणा तक मंडी में किसी भी प्रकार से खरीदी-बिक्री नहीं हुई है। आठ दिन में उज्जैन मंडी में 10 करोड़ रुपए का व्यापार प्रभावित हुआ। व्यापारियों ने भोपाल में मुख्यमंत्री से मिले आश्वासन के बाद 28 जनवरी से व्यापार प्रारंभ करने की घोषणा की है।
मंडी में आठ दिन से चली आ रही हड़ताल सोमवार को समाप्त हो गई है। मंगलवार से मंडी में फसलों का क्रय-विक्रय शुरू हो जाएगा। भोपाल में मुख्यमंत्री से मिले आश्वासन के बाद मंडी व्यापारियों ने हड़ताल वापसी की घोषणा की। खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 तथा नियम 2011 का विरोध कर व्यापारियों ने 20 जनवरी से मंडी में व्यापार बंद कर दिया था। सोमवार को मंडी व्यापारियों का एक प्रतिनिधि मंडल भोपाल में मुख्यमंत्री से मिला। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों पर कानून लागू न होने व प्रधानमंत्री से चर्चा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद व्यापारियों ने हड़ताल खत्म कर दी। मंगलवार से फिर से मंडी में किसानों की उपज खरीदी व बेची जाएगी।
भास्कर संवाददाता - उज्जैन
सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 तथा नियम 2011 को प्रदेश की कृषि मंडी कारोबार में भी लागू किया जा रहा है। इसका मंडी व्यापारियों ने विरोध किया था। विरोध स्वरूप उज्जैन मंडी के व्यापारियों ने 17 जनवरी को एडीएम को ज्ञापन सौंपा था व 18 जनवरी को मंडी गेट पर कानून का पुतला दहन किया था। इसके साथ 20 जनवरी से व्यापारियों ने मंडी में काम बंद कर दिया था। मामले को लेकर अनाज तिलहन व्यवसायी संघ के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, सचिव मुकेश हरभजनका, प्रकाश तल्लेरा, इंदौर से गोपालदास अग्रवाल, व्यापारी प्रतिनिधि मनोज काला, देवास से पवन अग्रवाल सहित अन्य व्यापारियों के एक प्रतिनिधि मंडल ने सोमवार को भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से मुलाकात की और उन्हें कानून से व्यापारियों को होने वाले नुकसान व कानून मंडी व्यापारियों पर लागू न करने के बारे में चर्चा की। अनाज तिलहन व्यवसायी संघ के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने बताया कि व्यापारियों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया कि कानून लागू होने के बाद मंडी व्यापारियों के यहां कोई कार्रवाई नहीं होगी। कानून में बनाए गए नियम के अनुसार मंडी व्यापारियों को लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून को मंडी व्यापारियों पर लागू नहीं करने के संबंध में प्रधानमंत्री से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी अपनी हड़ताल वापस लें और व्यापार करें।
शाम को मंडी खुलने की करवाई मुनादी
आठ दिन में 10 करोड़ का कारोबार प्रभावित