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अब 1 जून से बिजली व्यवस्था निजी हाथों में

7 वर्ष पहले
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बिजली संबंधी लोगो लगाएं

भास्कर संवाददाता.उज्जैन। अब 1 जून से शहर की बिजली व्यवस्था निजी हाथो में होगी। यानी फ्रेंचाइजी एस्सेल विद्युत वितरण कंपनी बिजली सप्लाई से लेकर विद्युत मैंटेनेंस और बिलों की वसूली आदि व्यवस्था संभाल लेगी। सोमवार को बिजली कंपनी के कार्यालय में फ्रेंचाइजी को लेकर आदेश पहुंच गए हैं।
शहर के करीब 1 लाख 8 हजार उपभोक्ताओं को विद्युत वितरण किए जाने से लेकर मैंटेनेंस व बिजली बिलों की वसूली की फ्रेंचाइजी मुंबई की मेसर्स स्मार्ट वायरलेस इप्रालि को दिया गया है। इसके लिए मार्च 2012 में अनुबंध हुआ था। जनवरी 2012 तक काम शुरू नहीं कर पाने की वजह से फ्रेंचाइजी को मार्च 2013 तक का समय दिया गया था। एस्सेल विद्युत वितरण के नाम से मैदान में उतरी फ्रेंचाइजी अब 1 जून से बिजली व्यवस्था को अपने हाथों में ले लेगी। बिजली सप्लाई से लेकर मैंटेनेंस और बिलों की वसूली आदि कार्य निजी कंपनी करेगी। फ्रेंचाइजी पहले ही एनई ((सहायक यंत्री )) स्तर के अधिकारियों को जोन कार्यालयों पर पदस्थ कर चुकी है,जो कि अभी काम सीख रहे हैं। फ्रेंचाइजी का कार्यालय देवास रोड पर डिवाइन वैली में संचालित हो रहा है। अब यह कार्यालय पूरी क्षमता के साथ चलेगा। बिजली कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि मई माह से इसकी प्रक्रिया शुरू होगी और 1 जून से बिजली संबंधी सारी व्यवस्था निजी हाथों में चली जाएगी। दूसरी तरफ उपभोक्ताओं को आशंका है कि फ्रेंचाइजी मनमाने बिल जारी करेगी और उनकी सख्ती से वसूली करेगी।
छह करोड़ का घाटा, उभारने के लिए फ्रेंचाइजी

बिजली कंपनी के अधिकारियों ने लाइन लॉस कम करने और बकाया वसूली शत-प्रतिशत करने के तमाम प्रयास किए लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो पाए। कंपनी करीब छह करोड़ रुपए घाटे में है((शहरी क्षेत्र की स्थिति))। इससे उभारने के लिए ही मुंबई की मेसर्स स्मार्ट वायरलेस प्रालि को पूर्व व पश्चिम शहर संभाग((शहरी क्षेत्र))की फ्रेंचाइजी दी गई।
देश में बिजली यहां निजी हाथों में
दिल्ली, मुंबई, नागपुर, भिवंड़ी ((महाराष्ट्र)), आगरा, अहमदाबाद, सूरत, बड़ोदरा, ग्रेटर नोएडा, भुवनेश्वर, टाटानगर ((उड़ीसा)), सागर ((मप्र)), मुजफ्फरपुर, भागलपुर ((बिहार)) में बिजली व्यवस्था निजी हाथों में है। मप्र में ग्वालियर, उज्जैन ((शहरी क्षेत्र)) में बिजली व्यवस्था निजी हाथों में सौंपे जाने की तैयारी है, जिसमें उज्जैन को लेकर तारीख तय हो गई है।

इसलिए विरोध
उज्जैन में फ्रेंचाइजी ने देवासरोड स्थित डिवाइन वैली में अपना कार्यालय खोला है। बिजली कंपनी से वह दस्तावेज जुटा चुकी है। आगे की प्रक्रिया अब शुरू होगी। शहर की बिजली व्यवस्था निजी हाथों में दिए जाने का यहां भी कांग्रेस व बिजली कंपनी के कर्मचारी संगठन विरोध कर चुके हैं। फ्रेंचाइजी बिजली बिल देने से लेकर वसूली तक का काम करेगी। सख्ती से बिजली बिलों की वसूली किए जाने व मनमाने बिल दिए जाने की आशंका के चलते यहां भी विरोध हो रहा है। वहीं उपभोक्ताओं को मिलने वाली सुविधाओं का लाभ भी नहीं मिल पाएगा। सागर में बिजली के निजीकरण का जमकर विरोध हुआ है। यहां सत्तापक्ष व विपक्ष के लोगों ने विरोध किया है।

वर्तमान में यह स्थिति

वर्तमान में शहर की बिजली व्यवस्था पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी संभाल रही हैं। उपभोक्ताओं को बिल जारी करने से लेकर वसूली तक का कार्य कंपनी संभाल रही है। फें चाइजी के आने पर उसके साथ बिजली कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी तीन माह तक कार्य करेंगे। इसके बाद फ्रेंचाइजी यदि चाहेगी तो बिजली कंपनी के स्टॉफ की सेवाएं लेगी।

उपभोक्ताओं को ये फायदे

-ईमानदार उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली सप्लाई।
-पुराने व खराब मीटर से निजात मिलेगी।
-बिजली व्यवस्था गड़बड़ाने पर तत्काल सुधार कार्य।
-उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय पर निराकरण।
उपभोक्ताओं को ये नुकसान

-बकायादारों को राशि जमा करने के लिए अतिरिक्त समय मिलने में संदेह।

-फ्रेंचाइजी द्वारा उपभोक्ताओं से मनमानी वसूली।

-सरचार्ज में छूट का लाभ नहीं मिल पाएगा।

-किस्तों में बकाया राशि जमा करने की सुविधा नहीं मिल पाएगी।