पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • पुलिस का मुख्य फोकस क्राउड मैनेजमेंट

पुलिस का मुख्य फोकस क्राउड मैनेजमेंट

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर संवाददाता - उज्जैन
सिंहस्थ 2016 में पुलिस का मुख्य फोकस क्राउड मैनेजमेंट रहेगा। पुलिस चाहती है सिंहस्थ के पहले प्रशासन पूरे मेला क्षेत्र को फोरलेन की परिधि में ला सके। मसलन, बीच में पूरा मेला और उसके चारों ओर फोरलेन का घेरा रहे। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इससे दो फायदे होंगे। पहला भीड़ पर आसानी से नियंत्रण किया जा सकता है और दूसरा बाहर से आने वाले ज्यादातर यात्री वाहन सहित सिंहस्थ मेले के करीब तक पहुंच सकेंगे। सिंहस्थ मेले में प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों में बेहतर समन्वय के साथ क्राउड मैनेजमेंट की सुरक्षा-व्यवस्था चाक-चौबंद स्थापित की जा सके, इसे लेकर सोमवार को डीजीपी नंदन दुबे ने उज्जैन में पदस्थ रह चुके पुलिस अधिकारियों के साथ सिंहस्थ कार्यों का दौरा किया। उन्होंने बैठक लेकर सुरक्षा-व्यवस्था की समीक्षा की।
डीजीपी दुबे के साथ एडीजी योजना पवन जैन, एडीजी इंटेलीजेंस सरबजीतसिंह, एडीजी अग्निशमन विजयकुमार, एडीजी सुरक्षा एसएल थाउसेन, एडीजी रेडियो अणवेष मंगलम, एडीजी आपदा-प्रबंधन एसके पांड्ेय, जबलपुर आईजी उपेंद्र जैन, आईजी कानून-व्यवस्था सोनाली मिश्रा, एसपी भोपाल अरविंद सक्सेना, सीहोर एसपी डॉ. रमणसिंह सिकरवार, मंदसौर एसपी मनोहर वर्मा, रेलवे एसपी रमेश बुर्रा सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। उज्जैन से संभागायुक्त अरुण पांड्ेय, आईजी वी मधुकुमार, रतलाम डीआईजी सतीशकुमार सक्सेना, कलेक्टर बीएम शर्मा, एसपी अनुराग व पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे। डीजीपी दुबे ने दोपहर में एसपी कार्यालय के अवंतिका सभागृह में अधिकारियों की बैठक ली। इसके बाद रामघाट क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने महाकाल मंदिर में निर्माणाधीन नंदीहॉल की जानकारी ली। कलेक्टर ने उन्हें बताया ढाई करोड़ से डबल स्टोरी का नया नंदीहॉल बन रहा है। इसमें 2 हजार लोग एक साथ भस्मारती देख सकेंगे। महाकाल दर्शन के बाद डीजीपी भोपाल रवाना हो गए।



पुलिस महकमे का 200 करोड़ का बजट

बैठक में डीजीपी से सिंहस्थ के दौरान 200 करोड़ रुपए का बजट उपलब्ध करवाए जाने का अनुरोध किया। उज्जैन आईजी रहे पवन जैन, उपेंद्र जैन और आईजी वी. मधुकुमार ने सिंहस्थ 2016 में अनुमानित करीब 200 करोड़ रुपए के खर्च की जानकारी दी। अधिकारियों ने सिंहस्थ 2016 का ये खर्च डीजीपी को बताया।



सभी पुलिस अधिकारी उज्जैन में रह चुके पदस्थ

डीजीपी के साथ आए सभी अधिकारी उज्जैन में पदस्थ रह चुके हैं। इनमें सिंहस्थ 2004 में उज्जैन आईजी सरबजीतसिंह, एसपी उपेंद्र जैन थे। इसीप्रकार एसएल थाउसेन सतीशकुमार सक्सेना उज्जैन एसपी, पवन जैन उज्जैन आईजी, अरविंद सक्सेना, डॉ. रमणसिंह सिकरवार, मनोहर वर्मा, रमेश बुर्रा उज्जैन सीएसपी व एएसपी पदस्थ रह चुके हैं। संभवत: इन सभी अधिकारियों के अनुभव का लाभ सिंहस्थ 2016 में लिया जाएगा।

डीजीपी के निर्देश

> सिंहस्थ-04 में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों के अनुभव का लाभ लिया जाए। लोकसभा चुनाव के बाद ऐसे अधिकारी-कर्मचारियों को उज्जैन में पदस्थ कर दिया जाए।

> अधिक से अधिक सूचना केंद्र स्थापित किए जाए।

> 21 हजार से अधिक पुलिस बल सिंहस्थ में तैनात होना है। अधिकारी-कर्मचारियों को चिन्हित कर लोकसभा चुनाव बाद से उनका प्रशिक्षण करवाया जाए।

> सिंहस्थ ड्यूटी के लिए ऐसे जवानों को चिन्हित किया जाए जो फिट होकर करीब 10 किमी तक पैदल घूम सके।

> शहर के सभी रास्तों पर करीब पांच किमी पहले चैकिंग व्यवस्था पुख्ता रखी जाएगी।

> इलाहाबाद जैसी अन्य घटनाओं की रोकथाम के लिए इंदौर, देवास सहित आसपास के रेलवे स्टेशन पर क्राउड मैनेजमेंट के पुख्ता इंतजाम रहेंगे।

> लोकसभा चुनाव के बाद से फोर्स के ठहरने की व्यवस्था पर काम शुरू किया जाएगा।

क्राउड मैनेजमेंट के लिए ये काम

> सिंहस्थ मद से शहर में करीब 9 पुल बनाए जा रहे हंै।

> भीड़ नियंत्रण के दृष्टिगत उज्जैन रेलवे स्टेशन सहित अन्य स्टेशनों पर आरओबी प्रस्तावित है।

> सिंहस्थ मेला क्षेत्र के आसपास कुछ स्थानों पर फोरलेन, टू-लेन का निर्माण शुरू कर दिया है। कुछ में टेंडर प्रक्रिया जारी होने वाली है।

> बड़े पुल के समीप समानांतर पुल व झलारिया मठ के समीप से पुल व भूखीमाता सहित शिप्रा के किनारे घाटों का निर्माण शुरू कर दिया गया।

> महाकाल मंदिर के नंदी हाल का विस्तार किया जा रहा है, जिसमें भस्मारती में करीब 1500 श्रद्धालु शामिल हो सकेंगे।

((नोट- जानकारी संभागायुक्तपांड्ेय व कलेक्टर शर्मा ने डीजीपी को दी))



डीजीपी नंदन दुबे ने सिंहस्थ कार्यों का दौरा कर बैठक ली और सुरक्षा-व्यवस्था की समीक्षा की।



नृसिंहघाट के समीप वॉच टॉवर, हेलीकॉप्टर से रैकी

बंबईवालों की धर्मशाला से नृसिंहघाट के समीप प्रस्तावित किए पुलिस कंट्रोल रूम सह वॉच टॉवर के निर्माण को डीजीपी ने भी हरी झंडी दे दी है। गौरतलब है कि नृसिंहघाट से रामघाट के बीच शासन की करीब 7 हजार स्क्वेयर फीट जमीन है, जिस पर अब सिंहस्थ वॉच टॉवर बनाया जाएगा। डीजीपी ने मौके पर पहुंच वॉच टॉवर निर्माण के बारे में भी जानकारी ली। यहां उन्होंने मीडिया को बताया कि वॉच टॉवर का निर्माण उक्त स्थान पर ही प्रस्तावित किया है। इसी प्रकार बैठक में डीजीपी ने निर्देश दिए कि इलाहबाद कुंभ की तर्ज पर सिंहस्थ के दौरान हेलीकॉप्टर से उज्जैन सहित सिंहस्थ क्षेत्र की रैकी की जाए और इसके लिए हेलीकॉप्टर हायर किए जाने की प्रकिया शुरू कर दी जाए।



रामघाट का निरीक्षण करते डीजीपी नंदन दुबे, एडीजी इंटेलीजेंस सरबजीतसिंह, जबलपुर आईजी उपेंद्र जैन, उज्जैन आईजी वी मधुकुमार, संभागायुक्त अरुण पांडेय, कलेक्टर बीएम शर्मा, एसपी अनुराग व अन्य अधिकारी।

((नोट- इसके सहित सिंहस्थ संबंधित अन्य खर्च की जानकारी डीजीपी को दी))

सिंहस्थ 2004

सिंहस्थ 2016

महकमे को चाहिए करीब 200 करोड़।

केंद्र सहित राज्य पुलिस बल का वेतन बढऩे से 40 करोड़ खर्च आएगा।

5 से 6 करोड़ लोगों के शामिल होने का अनुमान है।

ऐसे ट्रंकिंग रेडियो सिस्टम दो हजार से अधिक इस्तेमाल किए जाएंगे।

वाहनों की संख्या और पेट्रोल दाम बढऩे पर खर्च करीब 15 करोड़ आएगा।



पुलिस महकमे को मिले थे 30 करोड़।

केंद्रीय बल पर खर्च हुए थे करीब 5 करोड़।

मेला देखने और स्नान के लिए दो करोड़ से अधिक लोग उज्जैन आए।

12 चेनल का ट्रंकिंग रेडियो सिस्टम एक हजार इस्तेमाल किए गए थे।

पुलिस वाहन में 5 करोड़ रुपए का पेट्रोल खर्च हुआ था।