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एसएमएस शुल्क के बाद भी जानकारी नहीं

7 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता - उज्जैन
शहर के अधिकांश निजी स्कूलों ने विद्यार्थियों की जानकारी पालकों तक पहुंचाने के लिए एसएमएस सुविधा लागू कर रखी है लेकिन इसका शुल्क वसूले जाने के बावजूद पालकों को समय पर न तो कोई सूचना मिलती है और न ही स्कूल संबंधी कोई जानकारी। सवाल यह है कि जब कोई सूचना या जानकारी ही नहीं भेजी जाती तो शुल्क किस बात का।
सेंटमेरी, सेंटपाल व अन्य मिशनरी स्कूलों सहित कई स्कूलों में एसएमएस सुविधा को बड़े जोर-शोर के साथ बीते सत्रों में शुरू किया था, जिसमें पालकों को आश्वस्त किया था कि स्कूल व उनके बच्चे से संबंधित सभी जानकारियां एसएमएस के जरिए पालकों तक पहुंचाई जाएगी। इसके लिए बाकायदा पालकों से 500 से 600 रुपए सालाना शुल्क भी लिया जाता है लेकिन पालकों को समय पर न तो स्कूल की जानकारी मिल पा रही है और न ही विद्यार्थी की। इस बार जनवरी में ही जिला प्रशासन ने तीन बार स्कूलों में छुट्टियां घोषित की लेकिन एक बार भी पालकों को एसएमएस के जरिए छुट्टी की जानकारी नहीं पहुंची। सबसे ज्यादा परेशानी सोमवार को आई। स्कूल शिक्षा मंत्री पारस जैन की घोषणा के बाद सोमवार को स्कूलों में अवकाश घोषित किया था लेकिन इसकी सूचना पालकों तक नहीं पहुंची और कई बच्चे सुबह स्कूल पहुंच गए। उन्हें छुट्टी की घोषणा का बोर्ड देखकर वापस लौटना पड़ा। एसएमएस सुविधा को लेकर सेंटमेरी स्कूल की प्राचार्य सिस्टर रोशन का कहना है कि कई बार प्रशासन की ओर से अवकाश घोषित होने की जानकारी स्कूल प्रबंधन को भी नहीं मिल पाती। ऐसी स्थिति में पालकों को समय पर एसएमएस नहीं भेजे जा सकते हैं।
॥स्कूल से पालकों को सूचना देने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क लिया जाना पूरी तरह गलत है। एसएमएस सुविधा को लेकर फिलहाल कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अगर कोई पालक लिखित शिकायत करेंगे तो संबंधित स्कूल के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।ञ्जञ्ज एनएस सोलंकी, जिला योजना अधिकारी, शिक्षा विभाग



आठवीं तक की कक्षाएं सुबह 10 बजे से ही लगेगी

कालिदास मांटेसरी स्कूल में आदेश के बावजूद सुबह 8 से 11 बजे के बीच विद्यार्थियों की प्री-बोर्ड परीक्षाएं हुईं।

शीतलहर, बारिश और कडाके की ठंड के कारण पांच दिन की छुट्टी के बाद मंगलवार से सभी शासकीय, निजी और सीबीएसई स्कूलों में कक्षाएं लगाई जाएंगी। जिला शिक्षा अधिकारी आरके मिश्रा के अनुसार सभी स्कूलों में मंगलवार से पहली से 8वीं तक की कक्षाएं पूर्व में घोषित आदेशानुसार सुबह 10 बजे से लगाई जाएंगी। कक्षा 9वीं से 12वीं की कक्षाओं का समय सुबह 9 बजे से रहेगा। कालिदास मांटेसरी स्कूल माधवनगर में आदेश के बावजूद सुबह 8 से 11 बजे के बीच विद्यार्थियों की प्री-बोर्ड परीक्षाएं हुईं। डीईओ मिश्रा के अनुसार स्कूल प्रबंधन से जवाब तलब किया जाएगा। इधर सोमवार को दिन का तापमान बढ़कर 24.0 डिग्री हो गया। रविवार-सोमवार दरमियानी रात न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री कम होकर 11.0 डिग्री सेल्सियस हो गया।

पांच दिन की छुट्टी के बाद आज से खुलेंगे स्कूल



एक्सपर्ट व्यू -

डॉ. शाहिद नागौरी, शिक्षाविद् एवं आरटीई एक्सपर्ट



जागरूक होने से मिटेगी सिस्टम की खामियां

शिक्षा का अधिकार अधिनियम ((आरटीई)) के अंतर्गत सूचना की सेवा के बदले पालकों से शुल्क लिए जाने के संबंध में कहीं कोई नियम नहीं है। हालांकि इसकी बाध्यता को लेकर भी कोई नियम उल्लेखित नहीं है लेकिन अगर किसी विशेष सेवा के बदले पैरेंट्स से शुल्क लिया जाता है तो उसकी सुविधा भी दी जाना चाहिए। इसके लिए पालकों को सबसे पहले जागरूक होना पड़ेगा। तभी एजुकेशन सिस्टम से इस तरह की खामियां मिट सकेंगी। अगर पैरेंट्स को सुविधा नहीं मिल पा रही तो वे उपभोक्ता फोरम जा सकते हैं। इसके अलावा विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाना चाहिए।



एसएमएस के जरिए यह किए थे सुविधा के दावे

> स्कूल में विद्यार्थी के आने और जाने पर पालक के पास एसएमएस।

> स्कूल में पैरेंट्स मीटिंग, वार्षिकोत्सव, स्पोट्र्स एक्टिविटी सहित अन्य समारोह की एसएमएस से जानकारी।

> विद्यार्थी के मासिक टेस्ट, त्रैमासिक-अद्र्धवार्षिक व प्री-बोर्ड परीक्षाओं के अंक पैरेंट्स को सीधे एसएमएस से।

> स्कूल व विद्यार्थी संबंधी अन्य जानकारियां।