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डॉक्टर का उम्र की जांच से इंकार, सिविल सर्जन नाराज
भासं.उज्जैन। जिला अस्पताल में मंगलवार को डॉ.अनिल भार्गव ने महिला की उम्र की जांच करने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मुझे उम्र की जांच करना नहीं आती है। महिला के परिजनों की शिकायत पर जिला अस्पताल प्रशासन ने निर्णय लिया है कि इस बारे में स्वास्थ्य आयुक्त पंकज अग्रवाल को लिखा जाएगा कि डॉक्टर भार्गव जिला अस्पताल में काम करने योग्य नहीं हैं।
गायत्रीनगर में रहने वाली गिस्सी बाई पति बाबूलाल वर्मा उम्र की जांच के लिए जिला अस्पताल पहुंची थी। असल में महिला को उम्र संबंधी प्रमाण पत्र चाहिए था। सिविल सर्जन डॉ.सीडी शर्मा ने डॉ.अनिल भार्गव को जांच के लिए लिखा था। एक्सरे से उम्र का पता लगाया जाता है। डॉ. भार्गव ने यह कहते हुए उम्र की जांच करने से इंकार कर दिया कि यह मुझे नहीं आती है। उन्होंने महिला को मेडिकल कॉलेज में जांच करवाने के लिए लिख दिया। महिला के परिजनों ने इस बारे में सिविल सर्जन डॉ.शर्मा को अवगत कराया। इस पर सिविल सर्जन डॉ.शर्मा ने निर्णय लिया है कि स्वास्थ्य आयुक्त पंकज अग्रवाल को लिखा जाएगा कि डॉ.अग्रवाल जिला अस्पताल में रहने योग्य नहीं है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि डॉक्टर ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया और उसके बदले तर्क दिए। इसलिए स्वास्थ्य आयुक्त को लिखा जा रहा है।
ऐसे होती है उम्र की जांच
कलाई, कोहनी, घुटने व कूल्हे की हड्डी में उम्र के हिसाब से परिवर्तन आता है। हड्डियों के जुडऩे की प्रक्रिया में अलग-अलग उम्र में कुछ हिस्से जुड़ते हैं, उनके अनुसार उम्र का निर्धारण होता है। हड्डियों के एक्सरे लिए जाते हैं। हड्डियों के जुडऩे वाले हिस्सों को देखा जाता है। उसी आधार पर औसत आयु निकाली जाती है। ((जानकारी रेडियोलाजिस्ट व एचओडी डॉ.आरसी पंडया के अनुसार))
और इधर मेडिकल ऑफिसर को नोटिस
सिविल सर्जन डॉ.शर्मा ने मंगलवार को छत्री चौक, जयसिंहपुरा व कार्तिक चौक डिस्पेंसरी का निरीक्षण किया। सख्याराजे प्रसूतिगृह से कार्तिक चौक डिस्पेंसरी में स्थानांतरित हुई मेडिकल ऑफिसर डॉ.शैली खरे डयूटी पर मौजूद नहीं थीं। सिविल सर्जन ने डॉ.खरे को नोटिस जारी करने के आदेश जारी किए हैं। छत्रीचौक व जयसिंहपुरा डिस्पेंसरी में स्टॉफ मौजूद मिला।
पैरामीटर नहीं, जांच कैसे
करता - डॉ. भार्गव
60 वर्ष की उम्र में लोगों की जांच के लिए पैरामीटर की आवश्यकता होती है। पैरामीटर नहीं होने से जांच नहीं हो पाई। मैं तो क्या कोई भी डॉक्टर 60 वर्ष की उम्र के लोगों की जिला अस्पताल में जांच नहीं कर सकते हैं। मेरी जगह कोई और होता तो वह भी जांच नहीं कर पाता। महिला को मेडिकल कॉलेज में जांच करवाने के लिए कहा गया था।
डॉक्टर को जांच नहीं आती तो
यहां क्या काम-डॉ.शर्मा
डॉक्टर भार्गव को जांच नहीं आती है तो उनका यहां क्या काम। ऐसे में उनसे जिला अस्पताल में सेवाएं नहीं ली जाना चाहिए। स्वास्थ्य आयुक्त अग्रवाल को लिखा जा रहा है कि डॉ.भार्गव जिला अस्पताल में रहने योग्य नहीं है। स्वास्थ्य आयुक्तजो निर्णय लेंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वैसे जो डॉक्टर जांच नहीं कर सकते, उन्हें यहां बने रहने की भी क्या जरूरत है।