- Hindi News
- महाकाल मंदिर समिति हरसिद्धि धर्मशाला सौंपे या आय से हिस्सा दें
महाकाल मंदिर समिति हरसिद्धि धर्मशाला सौंपे या आय से हिस्सा दें
फोटो - काईद जौहर
भास्कर संवाददाता. उज्जैन
हरसिद्धि मंदिर समिति की गुरुवार को हुई बैठक में सदस्यों ने प्रस्ताव रखा कि महाकालेश्वर मंदिर समिति द्वारा संचालित हरसिद्धि धर्मशाला या तो हरसिद्धि मंदिर को संचालन के लिए सौंपा जाए या आय से 50 प्रतिशत हिस्सा दें।
हरसिद्धि मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं एसडीएम शैलेंद्रसिंह सोलंकी की अध्यक्षता में शाम करीब 4.30 बजे मंदिर प्रांगण में बैठक शुरू हुई। सदस्य दिलीप राव गोरकर, योगेश गोयल, विनोद गुप्ता आदि ने मांग कि की महाकाल मंदिर से हरसिद्धि धर्मशाला ली जाना चाहिए। प्रबंधक अवधेश जोशी ने कहा महाकाल मंदिर जिस हरसिद्धि धर्मशाला का संचालन कर रहा है वह हरसिद्धि मंदिर के अंतर्गत है। इससे मंदिर की आय बढ़ेगी और विकास होगा। धर्मशाला लेकर प्रस्ताव शीघ्र शासन-प्रशासन को सौंपेंगे। बैठक में 4 से 5 लाख रुपए के सालाना बजट को मंजूरी और आधा दर्जन कर्मचारियों की 20-25 प्रतिशत वेतनवृद्धि करने का भी निर्णय लिया। बैठक में सदस्य राजेंद्र गिरी, सुरेंद्र यादव, संजय अग्रवाल, नरेंद्र उपाध्याय, महेश तिवारी, भूपेंद्र कहार, अजय तिवारी, पंकज जैन व प्रशांत सोनी भी मौजूद थे।
हरसिद्धि धर्मशाला: एक नजर
- 2004 में मप्र शासन धर्मस्व विभाग ने निर्माण कराया।
-सिंहस्थ में हरसिद्धि मंदिर से 2 माह के लिए महाकाल ने ली थी।
- तभी से संचालन उनके हाथ में।
- धर्मशाला में अभी 4 कमरे, 8 हॉल है। 26 नए कमरे निर्माणाधीन।
- सैकड़ों श्रद्धालु यहां ठहरते हैं। लाखों रुपए की मासिक आय।
((जानकारी हरसिद्धि समिति सदस्यों के मुताबिक))
दीप मालिकाओं के लिए हाइड्रोलिक मशीन
बैठक में सदस्यों ने एसडीएम के समक्ष मांग रखी कि दीपमालाओं में दीप लगाने के लिए एक परिवार नियुक्त है। लेकिन उनके नहीं होने पर कई बार दीपक लगाने में परेशानी आती है। इसे देखते हुए समिति द्वारा दीपक लगाने हेतु एक हाइड्रोलिक मशीन क्रय किए जाने का भी निर्णय लिया गया। रात्रि में सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर प्रांगण में एक चार का गार्ड उपलब्ध कराने की भी मांग रखी गई।
महाकाल समिति तैयार नहीं
- हरसिद्धि धर्मशाला के निर्माण के बाद से महाकाल समिति इसका संचालन कर रही है।मंदिर के फंड से करोड़ों रुपए खर्च कर श्रद्धालु की सुविधा के लिए इसका विस्तार कर रहे हैं। धर्मशाला हरसिद्धि मंदिर को सौंपना संभव नहीं।
जयंत जोशी, प्रशासक महाकाल मंदिर समिति
-
बैठक में मौजूद प्रभारीमंत्री विजयवर्गीय एवं हरसिद्धि मंदिर समिति के सदस्य।
हरिसिद्धि मंदिर के बाहर धर्मपत्नी के साथ मंत्री विजयवर्गीय।
हरसिद्धि धर्मशाला एक नजर
: 2004 में मप्र शासन धर्मस्व विभाग ने निर्माण कराया।
: सिंहस्थ में हरसिद्धि मंदिर से 2 माह के लिए महाकाल ने ली थी।
: तभी से संचालन उनके हाथ में।
: धर्मशाला में अभी 4 कमरे, 8 हॉल है। 26 नए कमरे निर्माणाधीन।
: सैकड़ों श्रद्धालु यहां ठहरते हैं। लाखों रुपए की मासिक आय।
((जानकारी हरसिद्धि समिति सदस्यों के मुताबिक))
दीप मालिकाओं के लिए हाइड्रोलिक मशीन
बैठक में सदस्यों ने एसडीएम के समक्ष मांग रखी कि दीपमालाओं में दीप लगाने के लिए एक परिवार नियुक्तहै लेकिन उनके नहीं होने पर कई बार दीपक लगाने में परेशानी आती है। इसे देखते हुए समिति द्वारा दीपक लगाने हेतु एक हाइड्रोलिक मशीन क्रय किए जाने का भी निर्णय लिया गया। रात्रि में सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर प्रांगण में एक चार का गार्ड उपलब्ध कराने की भी मांग रखी गई।
भास्कर संवाददाता - उज्जैन
हरसिद्धि मंदिर समिति की गुरुवार को हुई बैठक में सदस्यों ने प्रस्ताव रखा कि महाकालेश्वर मंदिर समिति द्वारा संचालित हरसिद्धि धर्मशाला या तो हरसिद्धि मंदिर को संचालन के लिए सौंपी जाए या आय से 50 प्रतिशत हिस्सा दें।
हरसिद्धि मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं एसडीएम शैलेंद्रसिंह सोलंकी की अध्यक्षता में शाम करीब 4.30 बजे मंदिर प्रांगण में बैठक शुरू हुई। सदस्य दिलीप राव गोरकर, योगेश गोयल, विनोद गुप्ता आदि ने मांग की कि महाकाल मंदिर से हरसिद्धि धर्मशाला ली जाना चाहिए। प्रबंधक अवधेश जोशी ने कहा महाकाल मंदिर जिस हरसिद्धि धर्मशाला का संचालन कर रहा है वह हरसिद्धि मंदिर के अंतर्गत है। इससे मंदिर की आय बढ़ेगी और विकास होगा। धर्मशाला लेकर प्रस्ताव शीघ्र शासन-प्रशासन को सौंपेंगे। बैठक में 4 से 5 लाख रुपए के सालाना बजट को मंजूरी और आधा दर्जन कर्मचारियों की 20-25 प्रतिशत वेतनवृद्धि करने का भी निर्णय लिया। बैठक में सदस्य राजेंद्र गिरि, सुरेंद्र यादव, संजय अग्रवाल, नरेंद्र उपाध्याय, महेश तिवारी, भूपेंद्र कहार, अजय तिवारी, पंकज जैन व प्रशांत सोनी भी मौजूद थे।
महाकाल समिति तैयार नहीं
॥हरसिद्धि धर्मशाला के निर्माण के बाद से महाकाल समिति इसका संचालन कर रही है।मंदिर के फंड से करोड़ों रुपए खर्च कर श्रद्धालु की सुविधा के लिए इसका विस्तार कर रहे हैं। धर्मशाला हरसिद्धि मंदिर को सौंपना संभव नहीं। जयंत जोशी, प्रशासक महाकाल मंदिर समिति
बैठक में मौजूद प्रभारीमंत्री विजयवर्गीय एवं हरसिद्धि मंदिर समिति के सदस्य।
हरिसिद्धि मंदिर के बाहर धर्मपत्नी के साथ मंत्री विजयवर्गीय।
हरसिद्धि धर्मशाला एक नजर
: 2004 में मप्र शासन धर्मस्व विभाग ने निर्माण कराया।
: सिंहस्थ में हरसिद्धि मंदिर से 2 माह के लिए महाकाल ने ली थी।
: तभी से संचालन उनके हाथ में।
: धर्मशाला में अभी 4 कमरे, 8 हॉल है। 26 नए कमरे निर्माणाधीन।
: सैकड़ों श्रद्धालु यहां ठहरते हैं। लाखों रुपए की मासिक आय।
((जानकारी हरसिद्धि समिति सदस्यों के मुताबिक))
दीप मालिकाओं के लिए हाइड्रोलिक मशीन
बैठक में सदस्यों ने एसडीएम के समक्ष मांग रखी कि दीपमालाओं में दीप लगाने के लिए एक परिवार नियुक्तहै लेकिन उनके नहीं होने पर कई बार दीपक लगाने में परेशानी आती है। इसे देखते हुए समिति द्वारा दीपक लगाने हेतु एक हाइड्रोलिक मशीन क्रय किए जाने का भी निर्णय लिया गया। रात्रि में सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर प्रांगण में एक चार का गार्ड उपलब्ध कराने की भी मांग रखी गई।
भास्कर संवाददाता - उज्जैन
हरसिद्धि मंदिर समिति की गुरुवार को हुई बैठक में सदस्यों ने प्रस्ताव रखा कि महाकालेश्वर मंदिर समिति द्वारा संचालित हरसिद्धि धर्मशाला या तो हरसिद्धि मंदिर को संचालन के लिए सौंपी जाए या आय से 50 प्रतिशत हिस्सा दें।
हरसिद्धि मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं एसडीएम शैलेंद्रसिंह सोलंकी की अध्यक्षता में शाम करीब 4.30 बजे मंदिर प्रांगण में बैठक शुरू हुई। सदस्य दिलीप राव गोरकर, योगेश गोयल, विनोद गुप्ता आदि ने मांग की कि महाकाल मंदिर से हरसिद्धि धर्मशाला ली जाना चाहिए। प्रबंधक अवधेश जोशी ने कहा महाकाल मंदिर जिस हरसिद्धि धर्मशाला का संचालन कर रहा है वह हरसिद्धि मंदिर के अंतर्गत है। इससे मंदिर की आय बढ़ेगी और विकास होगा। धर्मशाला लेकर प्रस्ताव शीघ्र शासन-प्रशासन को सौंपेंगे। बैठक में 4 से 5 लाख रुपए के सालाना बजट को मंजूरी और आधा दर्जन कर्मचारियों की 20-25 प्रतिशत वेतनवृद्धि करने का भी निर्णय लिया। बैठक में सदस्य राजेंद्र गिरि, सुरेंद्र यादव, संजय अग्रवाल, नरेंद्र उपाध्याय, महेश तिवारी, भूपेंद्र कहार, अजय तिवारी, पंकज जैन व प्रशांत सोनी भी मौजूद थे।
महाकाल समिति तैयार नहीं
॥हरसिद्धि धर्मशाला के निर्माण के बाद से महाकाल समिति इसका संचालन कर रही है।मंदिर के फंड से करोड़ों रुपए खर्च कर श्रद्धालु की सुविधा के लिए इसका विस्तार कर रहे हैं। धर्मशाला हरसिद्धि मंदिर को सौंपना संभव नहीं। जयंत जोशी, प्रशासक महाकाल मंदिर समिति